
हाथरस 18 सितम्बर। लक्खी मेला श्री दाऊजी महाराज के मेला परिसर में ब्रह्माकुमारीज तपस्या धाम द्वारा आयोजित ब्रह्माकुमारी शिविर का शुभारंभ जिले की प्रभारी राजयोगिनी बीके सीता दीदी के निर्देशन में हुआ। शिविर का उद्घाटन भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री राजेश कुमार सिंह ‘गुड्डू भैया’, मेला कोतवाली प्रभारी अवधेश कुमार सिंह, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष एडवोकेट अतुल आंधीवाल, राजयोगिनी बीके भावना दीदी, बीके सीमा बहन सहित अन्य सम्मानित अतिथियों ने रिबन काटकर किया। शुभारंभ के बाद सभी अतिथियों ने शिविर में स्थापित राधा-कृष्ण की मनोहारी छवियों के समक्ष आरती की और पुष्पमाला अर्पित कर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। ब्रह्माकुमारी बहनों ने अतिथियों का पुष्प बैज एवं पटका पहनाकर स्वागत किया।
इस अवसर पर मेला कोतवाली प्रभारी अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि वह कई वर्षों से मेले में ब्रह्माकुमारी शिविर को देखते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से लोगों को नैतिक मूल्यों के उत्थान, श्रेष्ठ संस्कारों और चरित्रवान जीवन के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा किए जा रहे कार्य को सराहनीय बताया। भाजपा जिला महामंत्री राजेश कुमार सिंह ‘गुड्डू भैया’ ने कहा कि जब भी ब्रह्माकुमारी बहनों या किसी दीदी का बुलावा आता है तो वह स्वयं को रोक नहीं पाते और कार्यक्रम में पहुंच जाते हैं। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों के त्याग और तपस्या को अतुलनीय बताया।
राजयोगिनी बीके भावना दीदी ने शिविर में लगाई गई चित्र प्रदर्शनी के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान, श्रेष्ठ संस्कारों और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी लोगों को अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करेगी। कार्यक्रम का संचालन एडवोकेट अतुल आंधीवाल ने किया। उन्होंने मेले में आने वाले लोगों से ब्रह्माकुमारी शिविर में पहुंचकर आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने तथा आत्मिक उन्नति एवं जीवन के उत्थान की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को ईश्वरीय सौगात एवं प्रभु प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बीके मिथिलेश बहन, बीके बबीता बहन, बीके रश्मि बहन, बीके सुमित भाई, बीके गोपी बहन सहित ब्रह्माकुमारी परिवार के अनेक सदस्य एवं नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।










