
हाथरस 18 सितम्बर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर हाथरस में जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन की ओर से ई-रिक्शा संचालन के लिए क्षेत्र निर्धारित किए जाने और स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा से लाने-ले जाने पर रोक के बावजूद कुछ चालक नियमों की अनदेखी करते नजर आ रहे हैं। मामला केंद्रीय विद्यालय से जुड़े बच्चों का है, जहां स्कूल की छुट्टी के बाद उन्हें घर पहुंचाने के लिए ई-रिक्शा समेत अन्य वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि कई वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ ई-रिक्शा में बच्चों को क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगने, वाहन अनियंत्रित होने, पलटने या किसी सड़क हादसे की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा को लेकर यह स्थिति गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है। प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा संचालन के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित किए जाने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है, लेकिन इसके बावजूद कुछ चालक निर्धारित क्षेत्र से बाहर जाकर स्कूली बच्चों को ले जाते दिखाई दे रहे हैं।
वहीं, स्कूलों के बाहर बच्चों को ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस, निर्धारित क्षमता, चालक के लाइसेंस और सुरक्षा मानकों की जांच भी अहम सवाल है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित स्कूल पहुंचाने के साथ-साथ छुट्टी के बाद उनकी सुरक्षित घर वापसी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभागों को स्कूलों के बाहर संचालित होने वाले वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। अब सवाल यह है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी इस स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं।








