सिकन्दराराऊ (हसायन) 26 अगस्त। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कानऊ में चॉद की बारहवीं तारीख छब्बीस अगस्त दिन बुधवार को ईद मिलादुन्नबी बारहवफात के जुलूस को लेकर विवाद की स्थिति सामने आई।ईद मिलादुन्न्बी के जुलूस के आयोजन कर्ता मुस्लिम समुदाय के अकीदतमंदों के अनुसार जुलूस के लिए प्रशासन से विधिवत अनुमति ली गई थी।अनुमति पत्र में जुलूस का समय सुबह साढे आठ बजे से लेकर दोपहर बारह बजे तक निर्धारित किया गया था तथा करीब तीन सौ से पांच सौ लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई थी।प्रशासन के द्वारा जारी अनुमति के अनुसार जुलूस नूरी मस्जिद ग्राम कानऊ से शुरू होकर पोखर तेलियों का मोहल्ला छोटी दरगाह बाईपास होते हुए बड़ी दरगाह राजवाहा (बंबा) तक जाकर वापस नूरी मस्जिद पर समाप्त होना था।अनुमति पत्र में निर्धारित रूट से किसी भी स्थिति में विचलन नहीं करने सहित कई शर्तें लगाई गई थीं।आयोजकों का आरोप है कि प्रशासन से अनुमति मिल जाने के बाद अनुमति पत्र होने के बावजूद गांव के कुछ लोगों ने प्रस्तावित मार्ग से जुलूस नहीं निकलने दिया।उनका कहना है कि मौके पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद उन्हें अनुमति के अनुसार जुलूस निकालने में अपेक्षित सहयोग नहीं मिला,जिससे विवाद की स्थिति पैदा हुई।अनुमति पत्र में आयोजकों को स्वयं की सुरक्षा व्यवस्था करने,वालंटियर नियुक्त करने,भीड़ को नियंत्रित रखने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, धार्मिक या जातिगत नारेबाजी नहीं करने, यातायात बाधित नहीं करने तथा निर्धारित मार्ग का पालन करने के निर्देश दिए गए थे।साथ ही किसी भी नई परंपरा की शुरुआत नहीं करने की शर्त भी रखी गई थी।पुलिस और प्रशासन की ओर से अनुमति निर्धारित शर्तों के अधीन जारी की गई थी।अब आयोजकों के आरोपों के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जब प्रशासन के द्वारा निर्धारित रूट और समय के साथ जुलूस की अनुमति दी गई थी,तो मौके पर जुलूस को निर्धारित मार्ग से निकलने में बाधा क्यों आई और पुलिस प्रशासन की भूमिका क्या रही।इस संबंध में कोतवाली प्रभारी मनीष चिकारा से जानकारी करने पर बताया कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद है,उनसे बात कीजिए।जब इस संबंध में उपजिलाधिकारी धर्मेन्द्र सिंह से दूरभाष पर्सनल मोबाइल नंबर पर जानकारी की गई तो उन्हनेने बताया कि कुछ नहीं नई परंपरागत से ही निकला है।आयोजक ग्रामीणों की इच्छा थी कि पूरे गांव में घूम लें।ग्रामीणाें का कहना था कि तीन साल पहले से पूरे गांव में होकर निकलता आ रहा था।इस पर ग्रामीणों से हमने कहा कि पिछले दो बार से हमें याद है हम रहे हैं,जैसे जो निकलता है उसी से ही निकाल लें।इस पर आयोजक ग्रामीण मान गए थे और जो परंपरागत है,इस आधार पर शांति व्यवस्था के साथ जुलूस निकाला गया है।
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Ayog Deepak
Ayog Deepak is an Indian journalist and businessperson who is the chairman and Editor-in-chief of Hamara Hathras News.
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