सिकन्दराराऊ (हसायन) 31 अगस्त। हसायन स्थित ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल के प्रांगण में कंप्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे आधुनिक और भविष्यदर्शी विषयों पर सीबीएसई जिला स्तरीय विचार-विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “कंप्यूटेशनल थिंकिंग एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर केस पेपर प्रेजेंटेशन” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं से परिचित कराने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव, इसके व्यावहारिक उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर विचार-मंथन करना रहा।
सात विद्यालयों के शिक्षकों ने किया प्रतिभाग
कार्यक्रम में जनपद के सात प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इनमें बीएस पब्लिक स्कूल, सादाबाद, पावना स्कूल, एसएसडी पब्लिक स्कूल, एसबीएस पब्लिक स्कूल सलेमपुर-सासनी, सेंट थॉमस चर्च स्कूल, एसआरबी पब्लिक स्कूल हाथरस तथा मेजबान ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल हसायन शामिल रहे। विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे शिक्षकों ने अपने-अपने केस पेपर प्रस्तुत किए। प्रस्तुतियों में कंप्यूटेशनल थिंकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा के उपयोग, समस्या समाधान, तकनीकी नवाचार और शिक्षा में एआई के व्यावहारिक प्रयोगों को तकनीकी तथ्यों, आंकड़ों और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रतिभागियों की शोधपरक एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों को कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और शिक्षाविदों ने सराहा।
तीन सदस्यीय विशेषज्ञ मंडल ने किया मूल्यांकन
प्रस्तुतियों के निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडल मौजूद रहा। इसमें माया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सहायक प्रोफेसर पुष्पेंद्र शर्मा, एसबीएस पब्लिक स्कूल सलेमपुर-सासनी के प्रधानाचार्य सुभाष सेंगर तथा राजकीय महाविद्यालय अकराबाद के निवर्तमान प्रधानाचार्य रामगोपाल सिंह शामिल रहे। निर्णायक मंडल ने प्रत्येक टीम के केस पेपर की विषयवस्तु, विषय की समझ, शोधपरक दृष्टिकोण, तकनीकी विश्लेषण, समस्या समाधान की क्षमता और प्रस्तुतीकरण शैली का गहनता से मूल्यांकन किया।
शिक्षा के साथ स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग में भी बढ़ रहा एआई का प्रभाव
विशेषज्ञ रामगोपाल सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और दैनिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इसका प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानाचार्य एवं डिप्टी डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कोऑर्डिनेटर दीपक सेंगर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था तेजी से तकनीकी परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटेशनल थिंकिंग आने वाले समय की शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ तार्किक सोच, नवाचार और समस्या समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों और शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। विद्यालय के मैनेजर सुभाष यादव ने कहा कि आज के दौर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ तकनीकी दक्षता भी बेहद आवश्यक है। एआई और कंप्यूटेशनल थिंकिंग शिक्षा में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यालयों, शिक्षकों और विशेषज्ञ निर्णायकों का आभार व्यक्त किया।
विजेताओं को ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के समापन सत्र में निर्णायक मंडल के निर्णय के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले श्रेष्ठ शिक्षकों को ट्रॉफी, पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, अन्य सभी प्रतिभागियों को सक्रिय सहभागिता के लिए सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने में ओएमबी इंटरनेशनल स्कूल की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। एकेडमिक हेड हिमांशु सारस्वत, प्राइमरी कोऑर्डिनेटर रेनू पचौरी, बालवाटिका कोऑर्डिनेटर मोहम्मद हसीन, एग्जामिनेशन हेड आलोक यादव सहित शिक्षक सोनू वार्ष्णेय, छाया कुमारी, सूर्या उपाध्याय और सृष्टि राजपूत ने आयोजन की व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों के समन्वय और कार्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, विशेषज्ञ निर्णायकों और प्रतिभागी विद्यालयों के शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया।













