
हाथरस 10 मई । शहर की ऐतिहासिक पहचान और बढ़ते औद्योगिक स्वरूप के बीच यहाँ की यातायात व्यवस्था दम तोड़ती नजर आ रही है। हाथरस को भीषण जाम, ध्वनि एवं वायु प्रदूषण और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं से स्थायी मुक्ति दिलाने हेतु ‘मानव कल्याण सामाजिक संस्था’ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित एक मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा है। संस्था ने हाथरस में “रिंग रोड” के निर्माण को शहर के अस्तित्व और विकास के लिए अनिवार्य बताया है। संस्था के संस्थापक राजीव वार्ष्णेय और मुख्य संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश बल्लभ वशिष्ठ ने अवगत कराया कि हाथरस राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-509) और प्रांतीय राजमार्गों के मिलन बिंदु पर स्थित है। आगरा-अलीगढ़ और मथुरा-बरेली मार्ग शहर के मुख्य रिहायशी और व्यापारिक क्षेत्रों से होकर गुजरते हैं। भारी मालवाहक वाहनों के 24 घंटे शहर के अंदर से गुजरने के कारण सादाबाद गेट, अलीगढ़ रोड और आगरा रोड जैसे मुख्य चौराहे हमेशा जाम की चपेट में रहते हैं।
संस्था के पदाधिकारियों जिलाध्यक्ष नारायण लाल, महामंत्री कन्हैया वार्ष्णेय और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेन्द्र वार्ष्णेय ने बताया कि इस जाम के कारण एम्बुलेंस और दमकल जैसी आपातकालीन सेवाएं भी समय पर नहीं पहुँच पातीं। वहीं, उपाध्यक्ष बालप्रकाश वार्ष्णेय और युवा नगर अध्यक्ष कृष्णा शर्मा पहलवान ने चिंता व्यक्त की कि हजारों वाहनों के धुएं और शोर से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है। कोषाध्यक्ष लोकेश अग्रवाल (दाल वाले) और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि मास्टर प्लान में प्रस्तावित रिंग रोड को यदि शीघ्र स्वीकृति और बजट मिल जाए, तो बाहर का यातायात शहर के बाहर से ही निकल जाएगा। इससे न केवल दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा, बल्कि शहर का विस्तार होगा और यहाँ के प्रसिद्ध हींग उद्योग को भी नई गति मिलेगी। इस मांग का पुरजोर समर्थन करने वालों में अंकित वार्ष्णेय, नरेश अग्रवाल, कृष्णगोपाल (के.जी.), नवीन सबलोक और पुनीत पोद्दार सहित संस्था के अनेक सदस्य शामिल रहे। संस्था ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री जनहित में इस परियोजना को त्वरित स्वीकृति प्रदान कर हाथरसवासियों को बड़ी राहत देंगे।


























