
अलीगढ़ 24 अप्रैल । तकनीकी क्षेत्र में हो रहे नित नए बदलावों से छात्रों को रूबरू कराने के उद्देश्य से मंगलायतन विश्वविद्यालय के कंप्यूटर इंजीनियरिंग एवं एप्लीकेशन विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। “डेटा एनालिटिक्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला में विशेषज्ञों ने भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। प्राध्यापक दयाशंकर ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विषय की प्रासंगिकता के बारे में अवगत कराया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित डेटा एनालिटिक्स विशेषज्ञ अरविंद तिवारी ने बताया कि वर्तमान दौर में एआई डेटा विश्लेषण को न केवल सटीक बना रहा है, बल्कि यह बेहद तेज और प्रभावी भी है। एआई की मदद से बड़े से बड़े डेटा सेट को प्रोसेस कर विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को बेहतर और त्रुटिहीन बनाया जा रहा है। विशेषज्ञ वक्ता जितेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि कैसे आज के दौर में डेटा ही नई ऊर्जा (फ्यूल) है। व्यावहारिक अनुभव साझा करते हुए बताया कि भविष्य में एआई और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में रोजगार के अपार अवसर मौजूद हैं। विशेषज्ञों ने मशीन लर्निंग और प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स के व्यावहारिक उदाहरण भी साझा किए। विभागाध्यक्ष डा. लव मित्तल ने बताया कि तकनीक के क्षेत्र में हर दिन बदलाव हो रहे हैं। छात्रों को खुद को बाजार की मांग के अनुसार तैयार करने के लिए ऐसी कार्यशालाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम के आयोजन पर परीक्षा नियंत्रक प्रो. दिनेश शर्मा, डीन अकादमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा, डायरेक्टर आईक्यूएसी प्रो. राजेश उपाध्याय ने शुभकामनाएं प्रेषित की। संचालन चारू गुप्ता ने किया। प्राध्यापक सत्यनारायण ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रो. मनोज वार्ष्णेय, डा. हिमांशु शर्मा, राहुल शर्मा आदि थे। छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

























