
हाथरस 02 मई । जनपद में संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने और संरक्षित गोवंशों के बेहतर रख-रखाव के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ विकास खंड हाथरस की ग्राम पंचायत कैलोरा स्थित अस्थाई गौ आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि शासन की मंशानुरूप गोवंश संरक्षण में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला में चारे की उपलब्धता, भूसा भंडारण, टीनशेड, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्था को बारीकी से देखा। बढ़ते तापमान को देखते हुए उन्होंने विशेष निर्देश दिए कि गोवंशों के लिए बनाए गए टैंकों में स्वच्छ और ताजा पेयजल की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में पशुओं को लू और धूप से बचाने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि पशु चिकित्सकों की टीम नियमित रूप से गौशाला का दौरा करे। बीमार और कमजोर गोवंशों के लिए विशेष आहार और उपचार की व्यवस्था की जाए। साथ ही, गोवंशों के बैठने और चारा खाने के स्थान (चरही) पर नियमित सफाई के निर्देश दिए ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि वर्तमान में कैलोरा गौशाला में कुल 280 निराश्रित गोवंश (80 नर और 200 मादा) संरक्षित हैं। इनकी देखभाल के लिए 07 केयर टेकर तैनात हैं। परिसर में 05 टीन शेड, 05 चरही और पेयजल के लिए समरसेबल व हॉज की व्यवस्था है। वर्तमान में 147 क्विंटल भूसा स्टॉक में उपलब्ध है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि गोवंश संरक्षण एक संवेदनशील कार्य है। यदि किसी भी स्तर पर पशुओं के रख-रखाव में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के समय मुख्य विकास अधिकारी (CDO), उप जिलाधिकारी (SDM) हाथरस, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी (BDO), सहायक खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सक और ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


























