
हाथरस 02 मई । आगरा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण कृपा भवन के सभागार में बुधवार को एक त्रिवेणी संगम देखने को मिला, जहाँ बुद्ध पूर्णिमा, मजदूर दिवस और ब्रज संगीत विद्यापीठ के शुभारंभ के अवसर पर जनपद के प्रबुद्ध जन और साहित्यकार एकत्रित हुए। कार्यक्रम में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा से मान्यता प्राप्त ‘ब्रज संगीत विद्यापीठ’ का विधिवत शुभारंभ किया गया, जो क्षेत्र में कला और संगीत के संरक्षण के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गौतम बुद्ध की 2570वीं जयंती के उपलक्ष्य में उनकी प्रतिमा के समक्ष मोमबत्ती प्रज्ज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर की गई। सुकवि पूरन सागर ने वंदन, त्रिशरण एवं पंचशील पाठ के द्वारा बुद्ध पूर्णिमा का महत्व बताते हुए शांति और अहिंसा का संदेश दिया। उपस्थित सभी जनों ने भगवान बुद्ध के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसी अवसर पर ‘अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस’ भी मनाया गया। गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका को रेखांकित किया, साथ ही उन्हें कार्य के अनुसार उचित मजदूरी न मिलने पर गहरी चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि श्रम का सम्मान और उचित पारिश्रमिक ही सच्चे अर्थों में मानवता की सेवा है। वरिष्ठ साहित्यकार एवं आयुर्वेद ज्ञाता चेतन उपाध्याय के संयोजन तथा ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चंद्रगुप्त विक्रमादित्य के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सुनीता उपाध्याय ने की। कार्यक्रम में आशु कवि अनिल बौहरे, प्रभु दयाल दीक्षित ‘प्रभु’, जीवन लाल शर्मा, गाफिल स्वामी, चाहत शर्मा, कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, पीयूष अग्निहोत्री, अविनाश पचौरी और ऋषि कौशिक आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।


























