
हाथरस 02 मई । जनपद में कृषि विकास की संभावनाओं और किसानों को दी जा रही सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने वैज्ञानिक खेती, उन्नत पौधशाला और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किए जा रहे कार्यों का गहनता से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पौधशाला में ऑटोमेटिक सीड प्लांटिंग मशीन की कार्यप्रणाली देखी। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि इस मशीन के माध्यम से मिर्च, टमाटर, शिमला मिर्च और लौकी जैसी फसलों की पौध तैयार की जा रही है। खास बात यह है कि बीज रोपण से लेकर पौधों के रख-रखाव तक की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सौंपी गई है, जिससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। जिलाधिकारी ने इस मॉडल की सराहना करते हुए समूहों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कृषि विज्ञान केंद्र पर ही नियमित कार्यशालाएं आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि किसान केवल परामर्श न लें, बल्कि यहाँ आकर आधुनिक कृषि उपकरणों और उन्नत बीजों का प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी प्राप्त करें। उन्होंने जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक खेती पर विशेष जोर देने की बात कही ताकि किसानों की लागत कम हो और उत्पादन बढ़ सके। किसानों की आय में वृद्धि के लिए जिलाधिकारी ने केवल पारंपरिक खेती ही नहीं, बल्कि पशुपालन पर भी ध्यान केंद्रित करने को कहा। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को कड़कनाथ/कुक्कुट पालन और बकरा पालन का विशेष प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता किसानों को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। परिसर के निरीक्षण के दौरान डीएम ने आधारभूत सुविधाओं, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र पर आने वाले किसी भी किसान को असुविधा न हो और केंद्र की योजनाओं की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी (CDO), जिला उद्यान अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक एवं अन्य विभागीय कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


























