
हाथरस 05 अप्रैल । डिजिटल दौर में साइबर अपराधी ठगी के नित नए तरीके अपना रहे हैं। अब गैस उपभोक्ताओं को निशाना बनाकर फर्जी मैसेज के जरिए फोन हैक करने की कोशिश की जा रही है। हाथरस जिले में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिसके बाद साइबर सेल ने आमजन को सतर्क रहने की विशेष अपील की है। आपको बता दें कि चमन विहार कॉलोनी निवासी आनंद के मोबाइल पर गैस कनेक्शन काटने और ई-केवाईसी का लिंक आया। लिंक क्लिक करते ही एक संदिग्ध एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल हो गई। यूपीआई ऐप खोलते ही वार्निंग मिलने पर आनंद ने तुरंत फोन फॉर्मेट कर खुद को ठगी से बचा लिया। वहीं मेंडू निवासी भूपेंद्र के पास भी ऐसा ही मैसेज आया, लेकिन उन्होंने लिंक पर क्लिक करने के बजाय गैस एजेंसी से संपर्क किया, जहाँ मैसेज फर्जी पाया गया।
कैसे जाल बिछाते हैं अपराधी?
साइबर अपराधी उपभोक्ताओं को ‘गैस सब्सिडी रुकने’ या ‘केवाईसी न होने पर कनेक्शन कटने’ का डर दिखाकर पैनिक पैदा करते हैं। मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मालवेयर (Malware) इंस्टॉल हो जाता है। इससे फोन का पूरा एक्सेस हैकर्स के पास चला जाता है, जिससे बैंक खाते और निजी डेटा खतरे में पड़ सकते हैं।
साइबर सेल की एडवाइजरी : क्या करें और क्या न करें
साइबर सेल प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि अपराधी लोगों के डर का फायदा उठाते हैं। उन्होंने सावधानियां बरतने की सलाह दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या अनजान एसएमएस (SMS) पर क्लिक न करें। अनजान कॉल पर कभी भी ओटीपी (OTP) साझा न करें। गैस से जुड़ा कोई भी काम केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत वेबसाइट से ही करें। ई-केवाईसी के लिए केवल अपनी गैस एजेंसी के अधिकृत प्लेटफॉर्म का उपयोग करें। प्रभारी साइबर सेल आशीष कुमार का कहना है कि फिलहाल इन मामलों में आर्थिक ठगी की पुष्टि नहीं हुई है क्योंकि पीड़ितों ने समय रहते कदम उठा लिए, लेकिन सावधानी ही बचाव है। किसी भी संदिग्ध मैसेज की पुष्टि संबंधित एजेंसी से जरूर करें।




















