सिकन्दराराऊ (हसायन) 18 जून । धर्म के मार्ग पर चलने वाले मनुष्य की प्रभु हमेशा मदद करते है।जो मनुष्य धर्म के मार्ग को छोडकर कुंसंग के कुमार्ग पर चलता है।उसे भगवान कभी भी क्षमा नही करते है।उक्त प्रचवन कस्बा के इन्द्रनगर सिकतरा मार्ग स्थित मोहल्ला अहीरान मे आयोजित श्रीमद भागवत कथा के द्वितीय दिवस में कथा प्रवक्ता आचार्य सुनील चैतन्य महाराज ने व्यक्त की।आचार्य सुनील चैतन्य ने महाभारत प्रसंग की कथा का मार्मिक वर्णन किया।आचार्य ने बताया कि कौरव पक्ष के द्वारा भगवान श्री कृष्ण को युद्ध नही होने से पूर्व पाण्डवों के दूत बनकर पांडवों का हिस्सा पांडव भाईयो को देने के लिए वार्तालाप करने गए थे।मगर कौरव पक्ष के मुखिया दुर्योधन ने भगवान श्रीकृष्ण से साफ इंकार करते हुए कह दिया कि उन्हे सूई के नौंक के बराबर जगह नही दूंगा।आचार्य ने कहा कि कभी भी एक भाई को दूसरे भाई का हिस्सा नही मारना चाहिए।जो मनुष्य किसी के साथ द्वेष पूर्ण तरीके से जमीन,संपति महिला का सम्मान नही करता है।तो उस मनुष्य का समूल नाश हो जाता है।आचार्य ने महाभारत के प्रसंग की कथा का व्याख्यान करते हुए कहा कि जब मनुष्य का समय खराब होता है तो वह अपना सब कुछ हारता ही जाता है।इसीलिए संसारिक मनुष्य को खराब समय हो या सही समय हो ईश्वर का गुणगान करते रहना चाहिए।श्रीमद भागवत कथा स्थल पर कन्याओ व महिलाओं के द्वारा व्यास पीठ की परिक्रमा की।श्रीमद भागवत कथा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कुंड में पंचामृत सामिग्री से तैयार सामिग्री व घृत शुद्ध घी,बतासे,पुष्प,लौंग,सहित तमाम व्यंजनों को अग्नि हवन कुंड में अर्पित कर सभी देवी देवताओं का आहवान कर जयकारे लगाकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।श्रीमद भागवत कथा में आचार्य के द्वारा प्रसंग के बीच बीच में भगवद भजन कर जयकारे लगाए गए।श्रीमद भागवत कथा के विश्राम होने के उपरांत आरती उतारकर प्रसाद वितरित किया गया।