
हाथरस 13 अगस्त। महान फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सीएसआर के तहत स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराई गई मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से कलेक्ट्रेट परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया। शिविर में जिलाधिकारी अतुल वत्स के साथ अधिवक्ताओं, अधिकारियों-कर्मचारियों एवं कलेक्ट्रेट आने वाले आम लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई और मौके पर ही जांच रिपोर्ट प्राप्त की। शिविर में रक्त जांच के साथ दंत परीक्षण एवं सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने स्वयं भी जांच कराकर मोबाइल मेडिकल यूनिट की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रत्यक्ष अनुभव लिया और अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ‘स्वास्थ्य आपके द्वार’ की पहल को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। सीएसआर के अंतर्गत महान मिल्क फूड्स द्वारा उपलब्ध कराई गई इस मोबाइल मेडिकल यूनिट का लोकार्पण जनपद के प्रभारी मंत्री द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों, उपेक्षित बस्तियों तथा ऐसे लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जो विभिन्न कारणों से स्वास्थ्य केंद्रों तक नहीं पहुंच पाते हैं।
उन्होंने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट में अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध है, जिसके माध्यम से रक्त की जांच लगभग 30 सेकंड में पूरी कर रिपोर्ट का प्रिंटआउट भी तत्काल उपलब्ध कराया जा सकता है। इससे रक्त से संबंधित विभिन्न मानकों की जानकारी समय पर प्राप्त होने के साथ संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की प्रारंभिक पहचान में सहायता मिलती है। यूनिट में डेंटल चेकअप और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी मौजूद है। जिलाधिकारी ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट का विशेष फोकस गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की पहचान एवं उपचार पर रखा गया है। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सामान्य रूप से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों पर जांच के लिए जाना पड़ता है, लेकिन जो महिलाएं किसी कारणवश स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पातीं, उनके गांवों तक रोस्टर के अनुसार मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचाई जा रही है। विशेष रूप से ऐसे गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी है, क्योंकि मां के स्वास्थ्य का सीधा प्रभाव गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर पड़ता है। एनीमिया की समय से पहचान और उपचार से प्रसव संबंधी जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है। डीएम ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन से ही अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी क्षमता और समर्पण के साथ निर्वहन कर सकते हैं। इसी क्रम में आने वाले समय में पुलिस लाइन, विकास भवन सहित अन्य सरकारी कार्यालयों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। मोबाइल मेडिकल यूनिट को सरकारी कार्यालयों तक सीमित न रखकर गांवों, उपेक्षित मोहल्लों, घुमंतू एवं अन्य वंचित समुदायों की बस्तियों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं पहुंच पाने वाले लोगों को उनके नजदीक ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने बताया कि जनपद में करीब छह माह से ‘एनीमिया मुक्त जनपद हाथरस’ अभियान भी संचालित किया जा रहा है। प्रत्येक तीसरे सप्ताह आयरन सुक्रोज कैंप आयोजित कर चिन्हित गर्भवती महिलाओं को आवश्यक डोज उपलब्ध कराई जा रही है। आने वाले समय में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों, परिषदीय विद्यालयों तथा अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। यूनिट के साथ जनरल फिजिशियन भी उपलब्ध रहेंगे। प्रारंभिक जांच में कम वजन अथवा अन्य स्वास्थ्य समस्या के संकेत मिलने पर बच्चों की आवश्यकतानुसार रक्त जांच एवं आगे की चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें स्वस्थ रखना सभी की जिम्मेदारी है। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को घर और गांव तक पहुंचाकर बीमारियों की समय से पहचान के साथ लोगों में नियमित स्वास्थ्य जांच एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की भावना भी विकसित की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘स्वास्थ्य आपके द्वार’ की अवधारणा को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा और विभिन्न ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।










