सासनी 22 अक्टूबर । सासनी स्थित जर्जर आयुर्वेदिक अस्पताल के जीर्णोद्धार की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अस्पताल की बदहाल स्थिति को लेकर भाजपा प्रदेश मंत्री यतेन्द्र शर्मा द्वारा लगातार प्रयास किए जाने के बाद अब पुनर्निर्माण की दिशा में विभागीय कार्रवाई आगे बढ़ी है। अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। वहीं, आयुष मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मामले में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सासनी स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल की जर्जर हालत को देखते हुए यतेन्द्र शर्मा ने उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री को पत्र लिखकर अस्पताल के पुनर्निर्माण की मांग उठाई थी। उन्होंने क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया था। यतेन्द्र शर्मा के पत्र का संज्ञान लेते हुए आयुष मंत्री ने संबंधित विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद विभागीय स्तर पर अस्पताल के जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2.60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया।
प्रस्ताव शासन को भेजे जाने के बाद यतेन्द्र शर्मा ने आयुष मंत्री से एक बार फिर इस मामले में शीघ्र निर्णय लेने का अनुरोध किया, ताकि अस्पताल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। उनके अनुरोध पर मंत्रालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे अस्पताल के जीर्णोद्धार की प्रक्रिया आगे बढ़ने और क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है। गौरतलब है कि सासनी स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल की जर्जर स्थिति के कारण यहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। अस्पताल का जीर्णोद्धार होने से भवन की स्थिति में सुधार होने के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से उपचार कराने वाले मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
यतेन्द्र शर्मा की ओर से लगातार पत्राचार किए जाने के बाद अस्पताल के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव शासन तक पहुंचना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, अभी प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिलने और निर्माण कार्य शुरू होने का इंतजार है। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें शासन के निर्णय पर टिकी हैं। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होती है, तो सासनी के आयुर्वेदिक अस्पताल के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो सकता है और क्षेत्र में आयुर्वेदिक चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।










