सिकन्दराराऊ 05 नवंबर। ग्राम पंचायत कचौरा के मजरा छत्तरपुर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। गांव में नाली बंद होने और सरकारी चकरोड पर अतिक्रमण के चलते घरों एवं बरसात का दूषित पानी मुख्य मार्ग और आबादी के आसपास जमा हो रहा है। इससे जहां ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है, वहीं मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के कारण डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। इस समस्या को लेकर ग्रामीण अरविंद कुमार पुत्र श्री सरनाम सिंह ने उपजिलाधिकारी सिकंदराराऊ को शिकायती पत्र देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि गांव में जल निकासी के लिए पूर्व में कच्ची नाली की खुदाई कराई गई थी। इसके माध्यम से गांव का पानी आसानी से आगे निकल जाता था और जलभराव की समस्या नहीं होती थी। आरोप है कि कुछ दबंग एवं प्रभावशाली लोगों ने कथित रूप से नाली को बंद कर दिया है, जिसके कारण दूषित पानी गांव के मुख्य रास्ते और आबादी के आसपास जमा हो रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्थित सरकारी चकरोड पर भी अतिक्रमण किया गया है, जिससे पानी की प्राकृतिक निकासी का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। इस समस्या को लेकर पूर्व में खंड विकास अधिकारी, उपजिलाधिकारी और संबंधित ऑनलाइन शिकायत पोर्टल पर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों के अनुसार लंबे समय से गंदा पानी जमा रहने के कारण मच्छरों और अन्य कीट-पतंगों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया, वायरल बुखार और त्वचा संबंधी संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर होने की संभावना है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजकर स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। साथ ही बंद पड़ी नाली को खुलवाने, सरकारी चकरोड से अतिक्रमण हटवाने और गांव में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाए, ताकि ग्रामीणों को जलभराव और बीमारियों के खतरे से राहत मिल सके।










