
हाथरस 05 नवंबर। दीपावली खुशियों, रोशनी और आपसी प्रेम का पर्व है। त्योहार की खुशियां उस समय और खास हो जाती हैं, जब समाज के जरूरतमंद लोगों को भी इसमें शामिल किया जाए। इसी सेवा भावना के साथ निस्वार्थ सेवा संस्थान की ओर से हर वर्ष की भांति इस बार भी दीपावली का पर्व जरूरतमंद लोगों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। संस्थान के 25 सदस्यों ने शहर को आठ अलग-अलग रूटों में बांटकर टीमें बनाईं और सड़क किनारे, फुटपाथों तथा बाजारों में छोटी दुकानें लगाकर जीवनयापन करने वाले जरूरतमंद दुकानदारों एवं रेहड़ी-पटरी वालों तक पहुंचकर दीपावली की खुशियां साझा कीं। संस्थान की टीमों ने पुरुषों को सम्मानपूर्वक दुशाला, मिठाई का डिब्बा और दीपावली का शगुन भेंट किया। वहीं महिलाओं को साड़ी, मिठाई का डिब्बा और दीपावली का शगुन देकर सम्मानित किया गया। सदस्यों ने प्रत्येक व्यक्ति से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उपहार पाकर जरूरतमंद लोगों के चेहरों पर मुस्कान खिल उठी। उनके लिए यह अवसर केवल उपहार मिलने का नहीं, बल्कि समाज से सम्मान और अपनापन मिलने का भी रहा। संस्थान के सदस्यों ने इस सेवा कार्य को केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचकर उसके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ निकलीं टीमों ने यह संदेश दिया कि दीपावली की रोशनी तभी सार्थक है, जब उसकी चमक समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
शहर में सेवा कार्य संपन्न करने के बाद संस्थान के सभी सदस्य मातृ छाया पहुंचे। यहां बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां साझा की गईं। बच्चों को मिठाई एवं पटाखे वितरित किए गए और सदस्यों ने उनके साथ समय बिताकर त्योहार को यादगार बनाया। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। निस्वार्थ सेवा संस्थान का मानना है कि त्योहार केवल अपने परिवार के साथ खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के उन लोगों तक खुशियां पहुंचाने का माध्यम भी हैं, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। संस्थान का प्रयास रहता है कि त्योहार के अवसर पर कोई भी व्यक्ति खुद को अकेला या उपेक्षित महसूस न करे। इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, सचिव नीरज गोयल, कोषाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी सीए प्रतीक अग्रवाल, सोशल मीडिया प्रभारी सारांश टालीवाल, सह सचिव निष्कर्ष गर्ग सहित आशीष अग्रवाल, सतेंद्र मोहन, स्वदेश वार्ष्णेय, अवधेश कुमार (बंटी), टेकपाल कुशवाह, दीपांशु वार्ष्णेय, विशाल सोनी, आलोक अग्रवाल, यश वार्ष्णेय, ओम प्रकाश वर्मा, अनन्त वार्ष्णेय, कुलदीप वार्ष्णेय, प्रिंस गोयल, गुरुबर्धन सिंह, हर्षित अग्रवाल, मोहित यदुवंशी, शिवम सोनी, कान्हा एवं सार्थक सिंघल आदि सदस्य उपस्थित रहे।







