सिकंदराराऊ (हसायन) 20 अक्टूबर। कस्बा व देहात क्षेत्र में शारदीय नवरात्र के दसवें दिन भी नवम् स्वरूप में माॅ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की गई।वैदिक सनातन धर्म के अनुयाईयों ने मंगलवार बीस अक्तूबर को भी शारदीय नवरात्र के दसवें दिन भी जल दुग्धाभिषेक किए जाने के नौ लोटा जल पात्र पूरे होने पर घर घर में महामाई माॅ भगवती देवी चामुंडा के सिद्धिदात्री स्वरूप की विधि-विधान के साथ पूजा अर्चना की।अश्वनि (क्वार पक्ष)मास के शुक्ल पक्ष के दसवें दिवस दुर्गा महानवमी तिथि होने के कारण शारदीय नवरात्र में सुबह भोर की पहली किरण से ही महामाई सिद्धिदात्री के भक्तों ने उपले (कंडे)पर अग्यारी कर लौंग,धूप,नैवेद्य,पुष्प बतासा,घूंघर अर्पित कर महामाई की स्तुति कर आराधना की गई।शारदीय नवरात्र के दसवें दिवस पर भक्तों ने महामाई सिद्धिदात्री के स्वरूप में प्राचीन माता पथवारी मंदिर और शीतला देवी के मंदिर पर पहुंचकर महामाई माॅ भगवती पर जल और दुग्ध से अभिषेक कर महामाई नवम स्वरूप की पूजा अर्चना की।महामाई के गुणगान दुर्गा चालीसा,दुर्गा सप्तसती पाठ,आरती व श्लोक मंत्रोच्चारण के साथ भक्त श्रद्धालुओ के द्वारा लगाए महामाई के जयकारों से वातावरण भक्तिमय दिखाई दिया।महामाई के दरबार में सुबह से ही श्रद्धालुओ की भीड दिखाई दी।शारदीय नवरात्र में इस बार दस दिन के शारदीय नवरात्र होने के बजाए में नौवें स्वरूप की पूजा किए जाने को लेकर भक्त नवमी का पर्व मनाने में लगे हुए दिखाई दिए।शारदीय नवरात्र में कन्या लांगुरा भी जिमाए गए।नौ दिन नवरात्र उपवास रखने वाले भक्तों ने दसवें,दिन कन्या लांगुरा का पूजन कर विधि विधान के साथ घर व मंदिर पर कन्या लांगुरा जिमाकर माता की लाल रंग की चुनरी पहनाकर स्वागत कर चरण स्पर्श कर दक्षिणा देकर आर्शीवाद लिया।