
हाथरस 20 अक्टूबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा के संकल्प के साथ 101वें वर्ष में प्रवेश कर गया। विजयदशमी के अवसर पर हाथरस नगर में संघ के स्वयंसेवकों ने उत्साह और अनुशासन के साथ भव्य पथ संचलन निकाला। पूर्ण गणवेश में घोष की धुन पर कदमताल करते हुए स्वयंसेवक नगर के प्रमुख मार्गों और बाजारों से गुजरे। करीब तीन किलोमीटर लंबे पथ संचलन को देखने के लिए सड़कों के किनारे और बाजारों में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा और इत्र की वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। इस दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष गूंजते रहे। सूर्यनगर और मितई बस्ती की ओर से डीआरबी इंटर कॉलेज में विजयदशमी उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता जिला प्रचारक जितेंद्र, नगर संघचालक डॉ. पीपी सिंह और कार्यक्रम अध्यक्ष युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने संघ के संस्थापक एवं आद्य सरसंघचालक डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार, पूज्य गुरुजी तथा भारत माता के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर किया। इसके बाद अतिथियों ने शस्त्र पूजन किया। कार्यक्रम में स्वयंसेवक ने एकल गीत प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता जिला प्रचारक जितेंद्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने हर परिस्थिति में चुनौतियों का मजबूती से सामना किया है। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट होकर भारत को विश्व में सर्वोच्च स्थान तक पहुंचाने के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में समरसता, आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

जिला प्रचारक जितेंद्र ने भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि शबरी के बेर स्वीकार करने तथा निषादराज और जटायु को सम्मान देने के माध्यम से भगवान श्रीराम ने समानता, समरसता और भेदभाव मिटाने का संदेश दिया। उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में सद्भाव और रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। शस्त्र पूजन की परंपरा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं ने धर्म और समाज की रक्षा के लिए शस्त्र धारण किए। इसी तरह संघ ने समाज की रक्षा और अनुशासन के प्रतीक के रूप में दंड को अपनाया है। उन्होंने कहा कि विजयदशमी का पर्व अन्याय और अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। प्रत्येक व्यक्ति को समाज में व्याप्त बुराइयों का त्याग कर अच्छे विचारों और संस्कारों को अपनाना चाहिए तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
जितेंद्र ने नई पीढ़ी यानी Gen-Z युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि संस्कारित, राष्ट्रभक्त और आदर्शवादी युवा देश और समाज को नई दिशा दे सकते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा का उपयोग राष्ट्र निर्माण, सामाजिक एकता और सकारात्मक बदलाव के लिए करना चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम अध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी सोनू ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज में राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सेवा और संस्कारों की भावना जागृत करने का कार्य कर रहा है। विजयदशमी सत्य की असत्य पर और धर्म की अधर्म पर विजय का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि विश्व की निगाहें भारत के युवाओं पर हैं। युवाओं को भटकाने के प्रयासों से सतर्क रहते हुए भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाना चाहिए और समाज एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। इस अवसर पर नगर प्रचारक सौरभ सहित संघ के विभाग, जिला और नगर स्तर के अनेक दायित्ववान कार्यकर्ता एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। नगर की वसुंधरा एन्क्लेव स्थित बजरंग शाखा, मुरसान गेट की वीर सावरकर शाखा और तरफरा बस्ती की चाणक्य शाखा सहित विभिन्न शाखाओं पर भी विजयदशमी उत्सव मनाया गया।
विजयदशमी उत्सव के अवसर पर निकला पथ संचलन डीआरबी इंटर कॉलेज से प्रारंभ हुआ। यहां से स्वयंसेवक नई धर्मशाला, चावड़ गेट, नयागंज, मोती बाजार, नजिहाई बाजार, घंटाघर, बेनीगंज, रामलीला मैदान, कमला बाजार, गुड़िहाई बाजार और सादाबाद गेट होते हुए वापस डीआरबी मैदान पहुंचे, जहां संचलन का समापन हुआ। पथ संचलन में बाल स्वयंसेवकों से लेकर प्रौढ़ और वयोवृद्ध स्वयंसेवकों तक ने भाग लिया। पूर्ण गणवेश में अनुशासित कदमताल करते स्वयंसेवकों का उत्साह देखने लायक रहा। शताब्दी वर्ष में प्रवेश की अनुभूति स्वयंसेवकों में नई ऊर्जा और दायित्वबोध का संचार करती दिखाई दी। नगर के विभिन्न बाजारों में लोगों ने पुष्पवर्षा और इत्र छिड़ककर संचलन का स्वागत किया। पथ संचलन के दौरान बड़ी संख्या में स्वयंसेवक व्यवस्थाओं में भी जुटे रहे।










