सिकंदराराऊ 18 अक्टूबर । मां की डांट और पापा के आने का डर दो मासूम भाइयों को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर गया कि अलीगढ़ में उनके माता-पिता की सांसें अटक गईं। कक्षा छह में पढ़ने वाला 13 वर्षीय अभिनव मिश्रा और कक्षा तीन में पढ़ने वाला 7 वर्षीय अक्षत घर से ट्यूशन जाने की बात कहकर निकले, लेकिन दोनों साइकिल लेकर करीब 700 किलोमीटर दूर जौनपुर स्थित अपने दादा-दादी के घर जाने के लिए चल पड़े। गनीमत रही कि एक सतर्क ट्रक चालक की नजर उन पर पड़ गई और सिकंदराराऊ पुलिस ने दोनों को सुरक्षित बचा लिया। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चे अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र में रहने वाले इंजीनियर अभिषेक मिश्रा और खुशबू मिश्रा के बेटे हैं। अभिनव सेंट्स जोन्स स्कूल में कक्षा छह का छात्र है, जबकि अक्षत कक्षा तीन में पढ़ता है। शनिवार को स्कूल से घर लौटने के बाद घर में रखे कुछ रुपये नहीं मिलने और उन रुपयों से कार खरीदने की बात को लेकर मां ने बच्चों को डांट दिया था। बच्चों को डर था कि शाम को पापा घर आएंगे तो उन्हें भी डांट पड़ेगी। इसी डर में दोनों दोपहर करीब तीन बजे ट्यूशन जाने की बात कहकर निकले, लेकिन ट्यूशन जाने के बजाय साइकिल से जौनपुर की ओर चल दिए।
हाईवे पर दोनों बच्चों को साइकिल चलाते देख एक ट्रक चालक को शक हुआ। उसने तत्काल सिकंदराराऊ कोतवाली पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कासगंज रोड स्थित सरदला पुल के पास फ्लाईओवर से दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और शाम करीब आठ बजे थाने ले आई। पुलिस ने बच्चों को चाय-नाश्ता कराया, प्यार से समझाया और परिजनों को सूचना दी। बच्चों के सुरक्षित होने की खबर सुनकर परेशान माता-पिता ने राहत की सांस ली। रात करीब साढ़े नौ बजे पिता थाने पहुंचे और दोनों बच्चों को अपने साथ अलीगढ़ ले गए। ट्रक चालक की सतर्कता और पुलिस की तत्परता से दोनों मासूम सुरक्षित परिवार तक पहुंच गए। यह घटना अभिभावकों के लिए भी सीख है कि बच्चों को डांटने के साथ उनकी भावनाओं को समझना और उनसे प्यार से बात करना बेहद जरूरी है।








