हाथरस 21 सितम्बर। सेठ पी.सी. बागला डिग्री कॉलेज के हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित हिन्दी सप्ताह के अंतर्गत आज स्वरचित काव्य-पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी मौलिक कविताओं के माध्यम से सामाजिक, राष्ट्रीय एवं समसामयिक विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में उनकी रचनात्मक प्रतिभा, संवेदनशीलता और साहित्य के प्रति रुचि देखने को मिली। प्रतियोगिता में विधि शर्मा (बी.एड.) ने प्रथम, ओलीशा सूर्यवंशी (बी.ए. तृतीय सेमेस्टर) एवं पलक स्वामी ने द्वितीय, जबकि विशाल कुमार (एम.ए. हिन्दी, तृतीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों के प्रदर्शन की उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने सराहना की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) महावीर सिंह छोंकर ने कहा कि स्वरचित कविता विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, संवेदनशीलता और कल्पनाशीलता को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। साहित्य विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करता है।
प्रो. सुनन्दा महाजन ने कहा कि कविता केवल भावों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि समाज और समय को देखने का एक संवेदनशील दृष्टिकोण भी है। वहीं प्रो. चन्द्रशेखर रावल ने कहा कि स्वरचित काव्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी सृजनात्मक ऊर्जा को सामने लाता है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति-कौशल और साहित्यिक चेतना का विकास करती हैं। कार्यक्रम का संचालन प्रो. बृजेश सिंह कुशवाहा ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में अंग्रेजी विभाग की अध्यक्ष प्रो. प्रीति वर्मा, प्रो. धर्मेन्द्र कुमार सिंह एवं प्रो. देवेन्द्र कुमार दीक्षित शामिल रहे। इस अवसर पर हिन्दी विभाग के प्रो. प्रेमकिशोर, मेघा शर्मा, दीप्ति उपाध्याय, शालू सिंह, पलक, योगेश, खुशी कौशिक, शिवानी सहित अनेक विद्यार्थी उपस्थित रहे।











