
सिकन्दराराऊ (हसायन) 19 सितम्बर। भारत गैस सर्विस हसायन की प्रोपराइटर एवं महिला सीमा कुमारी ने हसायन निवासी दो युवकों पर दूसरों की पासबुक के जरिए घरेलू गैस सिलेंडर लेने, उन्हें कथित रूप से ब्लैक में बेचने, गाली-गलौज करने और तमंचे से जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक मामले की शिकायत जिला पूर्ति अधिकारी, जिलाधिकारी और थाना हसायन पुलिस से की गई, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिए जाने के बाद आरोपितों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया है। सीमा कुमारी पत्नी गिरीश कुमार निवासी वसुंधरा एंक्लेव हाथरस, मूल निवासी बरी पट्टी देवरी के अनुसार 28 अप्रैल 2026 को अनमोल गुप्ता और अंकित जादौन निवासी हसायन उनकी गैस एजेंसी पर पहुंचे और अन्य उपभोक्ताओं की पासबुक के माध्यम से 10 घरेलू गैस सिलेंडर लिए। आरोप है कि इसके बाद 1 मई 2026 को दोनों ने फिर 10 सिलेंडर लिए, जिनकी कुल कीमत 9,260 रुपये थी। इसमें 8,260 रुपये नकद दिए गए, जबकि 1,000 रुपये खाते में भेजे गए।
पीड़िता का आरोप है कि दोनों युवक अन्य उपभोक्ताओं की पासबुक एकत्र कर उनके माध्यम से सिलेंडर लेते थे और जरूरतमंद लोगों को कथित तौर पर 1,500 से 2,000 रुपये में ब्लैक में बेचते थे। आरोप है कि इस तरह प्रत्येक सिलेंडर पर 600 से 1,100 रुपये तक की अवैध कमाई की जाती थी। सीमा कुमारी के अनुसार 1 मई को दोपहर करीब दो बजे दोनों युवक 12 उपभोक्ताओं की पासबुक लेकर फिर एजेंसी पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गैस की कमी होने की बात कहते हुए संबंधित उपभोक्ताओं को स्वयं एजेंसी पर आने के लिए कहा। आरोप है कि इस बात से नाराज होकर दोनों युवकों ने सीमा कुमारी के साथ गाली-गलौज की और तमंचे से हमला करने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर उन्हें बचाया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि घटना के संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी, जिलाधिकारी और थाना हसायन में शिकायत की गई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। तहरीर के मुताबिक 21 जून को दोनों आरोपी तीन अज्ञात साथियों के साथ दोबारा गैस एजेंसी कार्यालय में घुस आए। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए एजेंसी चलाने के लिए दबकर रहने और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मामले में अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच के बाद ही घटना में लगाए गए आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।








