
हाथरस 14 सितम्बर। रक्तदान को महादान कहा जाता है और जब रक्त समूह दुर्लभ हो, तब रक्तदाता का योगदान किसी जरूरतमंद के लिए जीवनदान से कम नहीं होता। हाथरस के श्याम सुंदर शर्मा ऐसे ही रक्तदाता हैं, जो जरूरत पड़ने पर अपना दुर्लभ AB Negative रक्तदान कर लोगों की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर जरूरतमंद के लिए एबी नेगेटिव रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की। दरअसल, जरूरतमंद डॉ. मनीष पचौरी को एबी नेगेटिव रक्त की आवश्यकता थी। दुर्लभ रक्त समूह होने के कारण परिजनों के सामने रक्त की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसी बीच मामले की जानकारी एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (एडीएचआर) तक पहुंची। संगठन के प्रयासों से एबी नेगेटिव रक्तदाता श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया) से संपर्क किया गया। जरूरत की जानकारी मिलते ही उन्होंने आगे आकर रक्तदान किया और जरूरतमंद के उपचार में सहयोग प्रदान किया।
एडीएचआर के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने बताया कि एबी नेगेटिव रक्त समूह दुर्लभ रक्त समूहों में शामिल है। ऐसे रक्तदाताओं की संख्या सीमित होने के कारण आपात स्थिति में रक्त की व्यवस्था करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। उन्होंने बताया कि श्याम सुंदर शर्मा एबी नेगेटिव रक्तदाता हैं और जरूरत पड़ने पर रक्तदान कर मानव जीवन की रक्षा में अपना योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि श्याम सुंदर शर्मा जैसे रक्तदाता समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनका प्रत्येक रक्तदान किसी जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन सकता है। उन्होंने लोगों से भी रक्तदान के प्रति जागरूक होने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की अपील की। रक्तदान की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि समाज में मौजूद संवेदनशील और सेवाभावी लोग जरूरत की घड़ी में किसी के लिए जीवनदाता बन सकते हैं।










