अलीगढ़ 14 सितम्बर। मंगलायतन विश्वविद्यालय में रिसर्च डिपार्टमेंट की ओर से इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल एवं यूनिवर्सिटी इनोवेशन एंड इंक्यूबेशन सेंटर के सहयोग से दो दिवसीय एनुअल रिसर्च कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन किया गया। कॉन्क्लेव का विषय इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में उभरते ट्रेंड्स रहा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों में शोध के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान, नवाचार और अकादमिक सहयोग को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की। कुलसचिव कमांडर मनोज के. ने अतिथियों का परिचय कराया और स्वागत किया। डीएसटी, नई दिल्ली के साइंटिस्ट-एफ डा. अखिलेश मिश्रा ने शोधार्थियों को शोध के प्रति गंभीर एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। मुख्य अतिथि प्रो. आलोक धवन, पूर्व निदेशक सीएसआईआर-आईआईटीआर लखनऊ एवं पूर्व निदेशक सीबीएमआर लखनऊ ने शोध में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ उसकी सामाजिक उपयोगिता पर जोर दिया। डीएसटी, भारत सरकार की साइंटिस्ट डा. साक्षी सक्सेना ने शोध पत्र लेखन विषय पर व्याख्यान दिया। विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. पी. रमैया ने शोधार्थियों को शोध, नवाचार और निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का समापन प्रो. मनीषा शर्मा के व्याख्यान के साथ हुआ। आभार डा. रामकुमार पाठक ने व्यक्त किया तथा संचालन वंशिका सिंह ने किया। दूसरे दिन डा. स्नेहल महेश्कर ने लाइफ स्किल्स एवं मोटिवेशन तथा डा. अरुण कुमार शर्मा ने डिटेक्शन ऑफ डॉक्यूमेंट फॉरजरी विषय पर व्याख्यान दिए। विभिन्न सत्रों में शोधार्थियों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए और विषय विशेषज्ञों के साथ शोध संबंधी विचार-विमर्श किया। आभार अर्शिल नूर ने व्यक्त किया तथा संचालन आयुषी शर्मा ने किया। कार्यक्रम के संयोजक डीन रिसर्च प्रो. रविकांत एवं डायरेक्टर रिसर्च प्रो. अशोक पुरोहित रहे।