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मथुरा 07 सितम्बर। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है। एक सफल मैनेजर या लीडर बनने के लिए डिग्री के साथ-साथ आपके पास बेहतरीन कम्युनिकेशन स्किल्स, प्रॉब्लम-सॉल्विंग एबिलिटी और क्रिटिकल थिंकिंग का होना बहुत जरूरी है। मार्केट के ट्रेंड्स तेजी से बदल रहे हैं, लिहाजा करियर में सफलता के लिए हमें खुद को हमेशा अप-टू-डेट रखना भी जरूरी है। यह बातें डेटाब्रिक्स की ऑपरेशन रिसोर्स मैनेजर एवं आरएटीएम की पूर्व छात्रा भूमिका वार्ष्णेय ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमबीए (बैच 2026-28) के विद्यार्थियों को बताईं। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट विभाग तथा एमबीए विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एमबीए ब्लॉक स्थित सेमिनार कक्ष में आयोजित व्याख्यान में डेटाब्रिक्स की ऑपरेशन रिसोर्स मैनेजर भूमिका ने विद्यार्थियों को संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, विभागीय दिशा-निर्देशों तथा उच्च शिक्षा के दौरान आवश्यक कौशल के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

सुश्री भूमिका ने छात्र-छात्राओं से अपने विद्यार्थी जीवन से लेकर कॉर्पोरेट क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका तक की यात्रा साझा की। उन्होंने ऑपरेशन प्रबंधन, आधुनिक कार्यस्थल की आवश्यकताओं तथा सफलता के लिए महत्वपूर्ण कौशलों पर प्रकाश डाला। सुश्री भूमिका ने विद्यार्थियों को सक्रिय रूप से सीखने, अनुशासन बनाए रखने, व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने, इंटर्नशिप के अवसरों का लाभ उठाने तथा मजबूत पेशेवर नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी रोजगार बाजार में केवल किताबी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति भी आवश्यक है। इस अवसर पर एक संवादात्मक सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न रखे और मुख्य वक्ता भूमिका ने अपने अनुभवों के आधार पर उनका मार्गदर्शन किया। वक्ता के अनुभवों और प्रेरक विचारों ने विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक लक्ष्यों के प्रति अधिक जागरूक होने के लिए प्रेरित किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान एवं कौशल भी प्रदान किए जाए, ताकि वे भविष्य में सफल प्रबंधक और उद्यमी बन सकें। संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के साथ उद्योग जगत से जुड़ाव और अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आरएटीएम विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, प्रबंधन कौशल और व्यावहारिक अनुभव से समृद्ध करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की भावना के साथ आगे बढ़ें।

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