सिकन्दराराऊ 07 सितम्बर। शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नाम पर कलेक्ट्रेट में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर डेढ़ लाख रुपये नकद और एक ब्लैंक चेक लेने का आरोप लगाया गया है। सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव नोरथा ईशेपुर निवासी राजेश कुमार पुत्र जय प्रकाश ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि करीब दो वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो उसका शस्त्र लाइसेंस बनवाया गया और न ही उसके द्वारा दिए गए रुपये वापस किए गए। राजेश कुमार के अनुसार, करीब दो वर्ष पूर्व वह अपना शस्त्र लाइसेंस आवेदन कराने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय गया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात जिलाधिकारी कार्यालय में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से हुई। आरोप है कि कर्मचारी ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने का भरोसा दिलाते हुए इसके एवज में पहले चार लाख रुपये की मांग की। बाद में बातचीत के बाद तीन लाख रुपये में काम कराने की बात तय हुई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसमें से डेढ़ लाख रुपये एडवांस के रूप में नगद लिए गए तथा एक ब्लैंक चेक भी लिया गया, जबकि शेष रकम लाइसेंस बन जाने के बाद देने की बात कही गई थी।
शिकायतकर्ता का कहना है कि लंबे समय तक लाइसेंस नहीं बनने पर उसने संबंधित कर्मचारी से अपने रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस पर कर्मचारी द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही। राजेश कुमार ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि जब उसने अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई। राजेश कुमार का आरोप है कि वह इस मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय में कई बार शिकायत करने पहुंचा, लेकिन उसे कार्यालय के बाहर से ही कर्मचारी द्वारा कथित रूप से भगा दिया गया। इसके बाद उसने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराकर पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने बताया कि वह इस मामले को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय में भी मुलाकात कर संबंधित कर्मचारी की शिकायत करेंगे। पूरे मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शिकायत के आधार पर संबंधित अधिकारियों द्वारा मामले की जांच और आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।













