
हाथरस 02 सितंबर। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के हाथरस डिपो में बसों की संख्या कम हो गई है। लंबे समय से सड़कों पर दौड़ रहीं और अपनी निर्धारित मियाद पूरी कर चुकीं सात खटारा बसों को डिपो प्रबंधन ने रूट से हटाकर नीलामी प्रक्रिया के लिए खड़ा कर दिया है। सात बसों के हटने के बाद डिपो में बसों का संकट खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार हाथरस डिपो के बेड़े में अब तक कुल 94 बसें शामिल थीं। इनमें से सात बसों के कबाड़ की श्रेणी में आने के बाद अब परिचालन के लिए 87 बसें ही बची हैं। बसों की संख्या में आई कमी का असर यात्रियों की आवाजाही और बसों के फेरों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
खासकर आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर संचालित होने वाली बसों के फेरों में कटौती की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा आपात स्थिति अथवा अतिरिक्त भीड़ के समय यात्रियों की सुविधा के लिए रखी जाने वाली रिजर्व बसों की संख्या भी कम हो जाएगी। हालांकि डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि सामान्य तौर पर डिपो में 80 से 90 बसें रहती हैं। डिपो को पूर्व में कुछ नई बसें प्राप्त हो चुकी हैं, इसलिए रूट पर बसों के संचालन पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि केवल रिजर्व बसों की संख्या में कमी आएगी। भविष्य में डिपो को और बसें मिलने की उम्मीद है। यात्रियों की संख्या के हिसाब से वर्तमान में बसों की संख्या पर्याप्त है।










