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सिकंदराराऊ (हसायन) 31 अगस्त। कोतवाली क्षेत्र के कस्बा के मोहल्ला अहीरान में स्थापित राजकीय पशु चिकित्सालय में तैनात पशु चिकित्सक एवं डिप्टी सीवीओं के द्वारा दोबारा किए गए अभद्र व्यवहार को लेकर नाराज चल रहे राष्ट्रीय हिन्दू साम्राज्य संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष के द्वारा जिलाधिकारी अतुल वत्स से शिकायत करने व आत्मदाह की घोषणा करते ही कोतवाली पुलिस ने नजरबंद कर लिया।राष्ट्रीय हिन्दू साम्राज्य संगठन के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अनमोल गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि तीन दिन पहले दिन शनिवार उन्तीस अगस्त को नगला रति पर एक निराश्रित गौवंश गाय के बीमार होने की जानकारी मिलने पर उन्होने सबसे पहले राजकीय पशु चिकित्सालय में तैनात कार्यरत पशु चिकित्सक डॉ.पीयूष कुमार सिंह कुशवाहा को अपने दूरभाष मोबाइल फो से फोन कॉल किया।चिकित्सक के द्वारा फोन कॉल रिसीव नही किए जाने पर उन्होने डिप्टी सीवीओ सिकन्द्राराऊ डॉ.कैलाश चन्द्र लोधी के मोबाइल दूरभाष नंबर पर कॉल कर सम्पर्क किया।तो बीमार पडी निराश्रित गोवंश गाय की परेशानी व समस्या सुनकर शिकायत का समाधान करने के बजाए फोन कॉल पर डिप्टी सीवीओ के द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए तमाम बयानबाजी कर कहा कि जो भी समस्या है उसे सीवीओ को बताइए।इसी बात से नाराज गौ रक्षक व राष्ट्रीय हिन्दू साम्राज्य संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष अनमोल ने पशु चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की उदानीनता एव तानाशाहा भरी कार्य प्रणाली को लेकर आक्रोश जताते हुए नाराजगी व्यक्त कर सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर जिलाधिकारी कार्यालय पर शिकायत कर समस्या के समाधान नही होने पर इच्छा मृत्यु की मांग व आत्मदाह किए जाने की चेतावनी दिए जाने की घोषणा करते ही पुलिस प्रशासन में हडकंप मच गया।चेतावनी भरी घोषणा के बाद ही कोतवाली पुलिस ने अनमोल गुप्ता को नजरबंद कर दिया है।उन्होंने जिलाधिकारी अतुल वत्स के कार्यालय पर पहुंचकर पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की शिकायत करने और न्याय न मिलने पर आत्मदाह करने की घोषणा किए जाने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया।अनमोल गुप्ता की पुलिस ने रात्रि में ही खोजबीन तलाश कर रात्रि से ही निगरानी में रखा गया था।इस घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गई है।शिकायतकर्ता अनमोल गुप्ता का कहना है कि वह लंबे समय से अपनी समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों के पास जा रहे हैं।हालांकि उन्हें जिले के उच्चाधिकारियो से आज तक अपेक्षित कार्रवाई करते हुए दिखाई नही दे रहे है,जिससे वे परेशान थे।उन्होने कहा कि अपनी समस्या व शिकायत कहना भी प्रशासन की नजर में दोष लग रहा है।स्वतंत्र भारत में कोई भी नागरिक अपनी किसी भी समस्या व शिकायत का समाधान नही होने पर कहीं पर किसी भी अधिकारी के यहां पर शिकायत करने के लिए स्वतंत्र है।मगर आज जब वह शिकायत करने के लिए जाना चाह रहे थे।तो पुलिस ने उन्हे प्रशासन के कहने पर नजरबंद कर लिया।जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की उनकी घोषणा के बीच पुलिस द्वारा उन्हें नजरबंद किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और मामले का समाधान किस स्तर पर किया जाता है।

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