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सादाबाद 31 अगस्त। गांव वेदई में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नए इक्विटी नियमों को लेकर सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों ने नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इन नियमों में कथित विसंगतियों को दूर करने और नए प्रावधानों को वापस लेने (रोलबैक) की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नियमों में सभी वर्गों के हितों का संतुलन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। विरोध कर रहे छात्रों और शिक्षकों के अनुसार, नए नियमों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को विशेष संरक्षण देने के प्रावधान हैं। हालांकि, सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ संभावित गलत शिकायतों से निपटने के लिए पर्याप्त स्पष्टता का अभाव है। उनका आरोप है कि झूठी या आधारहीन शिकायतों से संबंधित व्यक्ति के करियर और प्रतिष्ठा पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, इक्विटी सेल और शिकायतों की जांच के लिए गठित होने वाली समितियों में सभी वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिकायतों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग को इन नियमों के कारण खुद को असुरक्षित महसूस न हो। गौरतलब है कि यूजीसी के 2026 के इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में विवाद उत्पन्न हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में इन नियमों के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी थी और 2012 के नियमों को फिलहाल लागू रखने का निर्देश दिया था। शीर्ष अदालत ने कुछ प्रावधानों में अस्पष्टता और उनके संभावित दुरुपयोग की आशंका भी व्यक्त की थी। रोलबैक की मांग को लेकर युवाओं द्वारा विरोध प्रदर्शन भी किया गया। इस प्रदर्शन में विक्की ठाकुर, मोहित चौहान, कुक्कू परमार, प्रांशु चौहान, अमन चौहान, लोकेंद्र तोमर, दीपक राघव, अमित चौहान और मनोज चौहान कल्याण सिंह परमार अवधेश परमार सहित कई छात्र उपस्थित थे।

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