सादाबाद 29 अगस्त । रक्षाबंधन के अवसर पर श्री रामलीला समिति के तत्वावधान में ऐतिहासिक कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध पहलवान सिकंदर शेख सहित हरियाणा, राजस्थान, मथुरा और अन्य क्षेत्रों के पहलवानों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया। आयोजकों ने अंतिम दो कुश्तियों के लिए सात-सात लाख रुपये के पुरस्कार निर्धारित किए थे, जिससे दर्शकों में विशेष उत्साह था। देर रात आखिरी कुश्ती के साथ ही दंगल का समापन हुआ
दंगल की आखिरी कुश्ती में भारत केसरी हरिकेश पहलवान ने अपने प्रतिद्वंद्वी को शानदार दांव लगाकर पराजित किया और मुकाबला अपने नाम कर लिया। हरिकेश की जीत के बाद अखाड़े में मौजूद उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। इस रोमांचक मुकाबले को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे। अंतिम से पहले की कुश्ती महाराष्ट्र के सिकंदर शेख और मथुरा के उमेश पहलवान के बीच हुई। 15 मिनट के निर्धारित समय में दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे पर कई दांव आजमाए, लेकिन कोई भी निर्णायक बढ़त हासिल नहीं कर सका। अंततः यह कुश्ती बराबरी पर समाप्त हुई। सिकंदर शेख के अखाड़े में उतरते ही दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। बड़ी संख्या में लोग उनके साथ सेल्फी लेने के लिए अखाड़े के मैदान में आ गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद व्यवस्था बहाल हुई और मुकाबला शुरू किया जा सका। इस दंगल में विधायक प्रदीप चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय, भाजपा नेता धर्मेंद्र गौतम और बसपा प्रत्याशी डॉ. अविन शर्मा सहित कई राजनीतिक एवं सामाजिक हस्तियां उपस्थित रहीं। अतिथियों ने पहलवानों से हाथ मिलाकर उनका उत्साह बढ़ाया और कुश्तियों का शुभारंभ कराया। श्री रामलीला समिति के अध्यक्ष गिरधारी कौशिक उर्फ गुन्नू के नेतृत्व में अंकित उपाध्याय, शरद गुप्ता, अनिल पाराशर उर्फ डब्बू और जयदेव चौधरी सहित समिति के अन्य पदाधिकारियों ने दंगल की सभी व्यवस्थाएं संभालीं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए पहलवानों के मुकाबले देखने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ जुटी रही।












