
हाथरस 27 अगस्त। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की प्रगति समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में डीएम ने अधिकारियों को शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी राजस्व संबंधी कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न तहसीलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कहा कि निर्धारित अवधि से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। प्रत्येक प्रकरण की नियमित समीक्षा कर उसकी प्रगति सुनिश्चित करने तथा जनता को समय से न्याय उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने फार्मर रजिस्ट्री का कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा तैयार अभिलेखों का खतौनी से मिलान कर त्रुटियों को तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के भूमि अभिलेखों की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कार्य महत्वपूर्ण है। गठित टीमों की कार्यप्रगति की प्रतिदिन समीक्षा करने और सतत निगरानी रखने के निर्देश देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही, उदासीनता अथवा अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने तहसील दिवस, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, जनसुनवाई पोर्टल, समाधान दिवस, आईजीआरएस सहित अन्य माध्यमों से प्राप्त राजस्व संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह तहसील स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए। बैठक में नामांतरण, सीमांकन, वरासत, खसरा-खतौनी, भू-अभिलेख संशोधन, चकबंदी, भूमि आवंटन, अतिक्रमण तथा भू-राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। भूमि विवादों में राजस्व एवं पुलिस विभाग को आपसी समन्वय से प्रभावी कार्रवाई करने तथा राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण, नियमित सत्यापन एवं रिकॉर्ड संधारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाने और शासन द्वारा संचालित विशेष राजस्व अभियानों के लक्ष्यों को शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, समस्त उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।










