हाथरस 21 अगस्त। पुरानी पेंशन की बहाली, एनपीएस एवं यूपीएस के विरोध और सेवारत शिक्षकों के लिए लागू किए गए टीईटी के विरोध में अटेवा पेंशन बचाओ मंच हाथरस की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा हतीसा पुल से शुरू होकर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां कर्मचारियों और शिक्षकों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम, हमारी मांग पुरानी पेंशन और जय अटेवा जैसे नारे लगाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने एक हाथ में एनपीएस-यूपीएस विरोधी तथा ‘नो टीईटी बिफोर आरटीई’ लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में तिरंगा लेकर देश के प्रति सम्मान प्रकट किया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया गया। अटेवा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद चंदेल ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को पुरानी पेंशन मिल रही है तो कर्मचारियों को इससे वंचित रखने का क्या औचित्य है। जिला महामंत्री रविकांत वर्मा ने कहा कि अटेवा की एकमात्र मांग पुरानी पेंशन की बहाली है और यदि सरकार एनपीएस से यूपीएस कर सकती है तो पुरानी पेंशन भी बहाल कर सकती है। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और सरकार को ‘वन नेशन, वन पेंशन’ की दिशा में भी विचार करना चाहिए। जिला महिला संयोजिका अनीत भारती ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का हक है और इसे लेकर आंदोलन जारी रहेगा। मीडिया प्रभारी अजीत कुमार सिंह ने कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री जिस पेंशन व्यवस्था का लाभ लेते हैं, कर्मचारियों को भी वही पुरानी पेंशन मिलनी चाहिए। राजकीय शिक्षक संघ की कुमुद शर्मा ने महिला कर्मचारियों के पेंशन अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही, जबकि पंचायती राज विभाग की बारिश अंसारी ने यूपीएस को छलावा बताते हुए पुरानी पेंशन की मांग दोहराई। स्वास्थ्य विभाग के बरतेंद भारद्वाज ने कहा कि कर्मचारी अब चुप नहीं रहेगा और अपने हक के लिए आवाज बुलंद करेगा। टीएससीटी के जिला संयोजक डॉ. गोपाल ने कहा कि एक दिन शपथ लेने वाले सांसद और विधायक पेंशन के पात्र हो जाते हैं, जबकि 60 वर्ष तक सेवा करने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से वंचित रखा गया है। जिला संरक्षक रौदास ने सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने का आह्वान किया। डिग्री कॉलेज के डी.के. दीक्षित ने पुरानी पेंशन को कर्मचारियों का अधिकार बताते हुए आंदोलन जारी रखने की बात कही। अटेवा जिलाध्यक्ष प्रेमचंद चंदेल एवं एसबीटीसी संघ के महामंत्री संजय सेंगर ने आरटीई एक्ट से पूर्व सेवा में आए शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता का विरोध किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री रविकांत वर्मा ने किया, जबकि सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रभारी माधुरी गौतम ने पेंशन गीत प्रस्तुत किया। तिरंगा यात्रा को विभिन्न शिक्षक, कर्मचारी एवं कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। इस दौरान एसबीटीसी, टीएससीटी, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ, एससी-एसटी संघ, पशु चिकित्सक संघ, स्वायत्त शासन कर्मचारी संघ, ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी संघ, राज्य कर्मचारी चतुर्थ श्रेणी संघ, लेखपाल संघ, राजकीय हाईस्कूल शिक्षक संघ, फार्मासिस्ट एसोसिएशन, कृषि विभाग, दीवानी न्यायालय संघ, सिंचाई विभाग, लोक निर्माण विभाग, नर्सिंग संगठन और राजस्व संग्रह अमीन संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।















