
सिकन्दराराऊ 13 अगस्त। नगला मनी देहगवां निवासी 44 वर्षीय भारतीय सेना के सूबेदार मनोज यादव का बुधवार को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर विमान से दिल्ली लाया गया, जिसके बाद सैन्य वाहन से पूरे सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव लाया गया। यहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
सुबह करीब 8 बजे सूबेदार मनोज यादव का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों और परिवारजनों की आंखें नम हो गईं। बुधवार को उनके निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। ग्रामीण और परिजन उनके पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। बच्चों को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनके पिता अब कभी वापस नहीं आएंगे। पूरे गांव में मातम पसर गया और अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सूबेदार मनोज यादव वर्ष 2002 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वह तीन भाइयों और एक बहन में से एक थे। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। बच्चों की पढ़ाई के चलते उनकी पत्नी और बच्चे काफी समय से एटा में किराए के मकान में रह रहे थे। अंतिम संस्कार से पहले सेना के जवानों ने सूबेदार मनोज यादव को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। इस दौरान पूरा गांव ‘मनोज यादव अमर रहें’ के नारों से गूंज उठा। सुबह 10: 15 नम आंखों और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। सूबेदार मनोज यादव के निधन से नगला मनी देहगवां सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने देश सेवा में उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।












