
हाथरस 13 अगस्त। विकासखंड हाथरस में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण, महिला एवं बाल कल्याण तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया। ब्लॉक प्रमुख पूनम पांडेय ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एवं बाल संरक्षण संबंधी योजनाओं को बाल हित में उपयोगी बताते हुए बच्चों से जुड़े सभी विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं का लाभ ग्राम स्तर तक पहुंचाने की अपील की। खंड विकास अधिकारी अनुज मिश्रा ने कहा कि समाज में लड़का और लड़की के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। बच्चों को अच्छे संस्कार और समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ होने वाली किसी भी अप्रिय घटना की जानकारी तत्काल संबंधित अधिकारियों को दी जानी चाहिए। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, बाल श्रम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और दत्तक ग्रहण योजना की जानकारी दी।विमल कुमार शर्मा ने दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के संबंध में जागरूक करते हुए कहा कि निःसंतान दंपत्ति यदि बच्चा गोद लेना चाहते हैं तो मिशन वात्सल्य के अंतर्गत निर्धारित आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर कानूनी प्रक्रिया का पालन करें। किसी व्यक्ति, बिचौलिए या दलाल के माध्यम से बच्चा गोद न लेने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि गैर-कानूनी तरीके से दत्तक ग्रहण किए जाने पर संबंधित पक्षों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है। बाल विकास परियोजना अधिकारी सोनी कुमारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित विभागीय योजनाओं की जानकारी दी तथा ग्राम बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों की त्रैमासिक बैठकें नियमित रूप से आयोजित करने और ग्राम स्तर पर बच्चों एवं महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार व अनुश्रवण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
वन स्टॉप सेंटर की प्रबंधक मनीषा भारद्वाज ने वन स्टॉप सेंटर की कार्यप्रणाली और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संकटग्रस्त महिलाओं को कानूनी सहायता, अस्थाई आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता एवं पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम-2012, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष, दहेज प्रतिषेध अधिनियम-1961 तथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005 के बारे में भी जानकारी दी। इस दौरान 181 महिला हेल्पलाइन, 1090 वूमेन पावर लाइन, 108 एंबुलेंस सेवा, 102 स्वास्थ्य सेवा, 112 पुलिस आपातकालीन सेवा और 1076 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सहित विभिन्न निःशुल्क हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। बैठक में बाल संरक्षण, बाल विवाह की रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा महिला एवं बाल कल्याण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और ग्राम स्तर तक निरंतर जागरूकता एवं सहयोगात्मक गतिविधियां संचालित करने पर बल दिया गया। बैठक में सहायक विकास अधिकारी महेश कुमार वर्मा, शिक्षा विभाग से ब्लॉक गुणवत्ता समन्वयक प्रशांत गौतम, हेड कांस्टेबल जगदीश सिंह, आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाहा सहित विकासखंड हाथरस की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं स्वास्थ्य सखी मौजूद रहीं।










