
सासनी 03 अगस्त। जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित के निर्देशन तथा जिला प्रोबेशन अधिकारी सीमा मौर्या के नेतृत्व में विकासखंड सासनी में ब्लॉक बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह ब्लॉक टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। ब्लॉक प्रमुख डॉ. प्रतिभा कमल माहौर की अध्यक्षता में हुई बैठक में महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बाल संरक्षण, बाल विवाह रोकथाम और बालिकाओं के सशक्तिकरण को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। बैठक में ब्लॉक प्रमुख डॉ. प्रतिभा कमल माहौर ने महिला कल्याण विभाग की योजनाओं को महत्वपूर्ण बताते हुए उनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए सुरक्षित और संरक्षणात्मक वातावरण तैयार करना, उनका उचित पालन-पोषण सुनिश्चित करना तथा बच्चों को हिंसा और दुर्व्यवहार से बचाना सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर बाल विवाह रोकथाम और बाल संरक्षण को लेकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
प्रभारी खंड विकास अधिकारी दिनेश कुमार ने महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी योजनाओं को बच्चों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रयास करने को कहा। महिला कल्याण विभाग के संरक्षण अधिकारी विमल कुमार शर्मा ने बैठक में मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। इनमें मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य), बाल विवाह रोकथाम, दत्तक ग्रहण योजना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल श्रम, रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रमुख रूप से शामिल रहीं। संरक्षण अधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बढ़ाई गई धनराशि की जानकारी देते हुए बताया कि योजना में छह श्रेणियों के माध्यम से पात्र बालिकाओं को कुल 25 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म पर पांच हजार रुपये, द्वितीय श्रेणी में एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के बाद दो हजार रुपये, तृतीय श्रेणी में कक्षा प्रथम में प्रवेश के बाद तीन हजार रुपये, चतुर्थ श्रेणी में कक्षा छह में प्रवेश के बाद तीन हजार रुपये, पंचम श्रेणी में कक्षा नौ में प्रवेश के बाद पांच हजार रुपये तथा षष्टम श्रेणी में कक्षा 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक अथवा दो वर्षीय या उससे अधिक अवधि के डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर सात हजार रुपये की एकमुश्त धनराशि दिए जाने का प्रावधान है।
आईसीडीएस विभाग की प्रभारी बाल विकास परियोजना अधिकारी स्मृति दुबे ने मातृ वंदना योजना की जानकारी देते हुए ग्राम स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियों को सक्रिय करने और उनकी नियमित बैठकें आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगली ब्लॉक स्तरीय त्रैमासिक बैठक में सुरक्षा एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली श्रेणी में आने वाले बच्चों को चिन्हित कर उनकी कार्यवृत्ति प्रस्तुत की जाएगी। वन स्टॉप सेंटर की केस वर्कर फारिहा नोशी ने केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन स्टॉप सेंटर पर कानूनी सहायता, अस्थाई आश्रय, मनोसामाजिक परामर्श, चिकित्सीय सहायता एवं पुलिस सहायता जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही केंद्र पर आने वाले विभिन्न प्रकरणों के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई। बैठक में ईओ दिनेश कुमार माहौर, मुख्य सेविका कुर्की रानी, बेसिक शिक्षा विभाग से दीपेश सेंगर, आउटरीच कार्यकर्ता बंटी कुशवाह सहित विकासखंड क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।








