
हाथरस 23 जुलाई। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के बाद हाथरस में भी राजनीतिक माहौल गरमा गया। नेतृत्व के आह्वान पर दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने जिलेभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 58 नेताओं और कार्यकर्ताओं को नजरबंद कर दिया।पुलिस और खुफिया तंत्र पहले से ही अलर्ट मोड पर था। जैसे ही दिल्ली कूच की सूचना मिली, पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर नेताओं की निगरानी बढ़ा दी। मंगलवार देर रात दिल्ली रवाना हो रहे कांग्रेस जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय को आगरा रोड स्थित हनुमान चौकी पर रोककर नजरबंद कर दिया गया। इसके अलावा कांग्रेस नेता चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, शरद उपाध्याय (नंदा), योगेश कुमार सहित अन्य प्रमुख नेताओं को भी घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। आगरा रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई।
इसी दौरान भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष कमल सिंह बालियान को भी पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल, सहपऊ के सपा नेता साकेत चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन, मानिकपुर के बॉबी यादव तथा सुल्तानपुर के नीरज को भी नजरबंद रखा गया। मुरसान में नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष रजनीश कुशवाहा, सासनी में वीरेंद्र कुशवाहा, सिकंदराराऊ में युवराज सिंह यादव तथा हसायन में समुंत सिंह को भी पुलिस ने उनके घरों पर ही रोक दिया।
चौराहों पर पुलिस का कड़ा पहरा
संभावित विरोध प्रदर्शन और दिल्ली कूच को देखते हुए जिले के प्रमुख चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्वयं अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे। तालाब चौराहा सहित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई, ताकि कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।
जिला न्यायालय में फूंका केंद्र सरकार का पुतला
जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार दोपहर सपा एवं कांग्रेस समर्थित अधिवक्ताओं ने केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई। इस दौरान अधिवक्ता लल्लनबाबू, ब्रजमोहन राही, योगेश कुमार (ओके), वतन सिंह, आर.पी. सिंह और जगदीश प्रसाद सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एहतियातन कुछ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को नजरबंद किया गया। साथ ही जिले के प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई।










