
हाथरस 23 जुलाई। गांव टुकसान में देसी शराब के ठेके के विरोध में हुए बवाल के मामले में जेल भेजे गए नौ आरोपियों को अदालत से राहत मिल गई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-2) की अदालत ने चार महिलाओं सहित सभी नौ आरोपियों की सशर्त जमानत मंजूर कर दी है।गौरतलब है कि 4 और 5 जुलाई को गांव टुकसान के ग्रामीणों ने देसी शराब के ठेके का विरोध करते हुए जमकर हंगामा किया था। इस दौरान तोड़फोड़, मारपीट और इगलास रोड पर जाम लगाने की घटनाएं हुई थीं। कैंटीन संचालक की तहरीर पर पुलिस ने जानलेवा हमला, मारपीट और तोड़फोड़ सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर दर्ज होने के बाद भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। बाद में ग्रामीणों ने दोबारा हंगामा किया, जिसमें सिविल ड्रेस में पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई। इस मामले में शराब की दुकान के सेल्समैन की ओर से भी अलग मुकदमा दर्ज कराया गया। घटना के बाद कोतवाली हाथरस गेट पुलिस ने गांव टुकसान निवासी लज्जा देवी, उनकी दोनों बेटियों, समसीरा, शनी, जानू, दीपक, योगेश और कांता प्रसाद को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। 17 जुलाई को लज्जा देवी की ओर से जमानत याचिका दाखिल की गई। मामले की सुनवाई के बाद एडीजे (एफटीसी-2) ने लज्जा देवी और उनकी दोनों बेटियों को जमानत दे दी। इसके बाद शेष आरोपियों ने भी जमानत अर्जी दाखिल की, जिस पर 21 जुलाई को सुनवाई करते हुए अदालत ने सभी को सशर्त जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सभी आरोपी मुकदमे के विचारण में पूर्ण सहयोग करेंगे, न्यायालय में निर्धारित तिथियों पर उपस्थित रहेंगे तथा किसी भी प्रकार से साक्ष्यों या गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।










