अलीगढ़ 21 जुलाई। मंगलायतन विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो पीके दशोरा की अध्यक्षता में अकादमिक काउंसिल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, नए पाठ्यक्रमों, अकादमिक कैलेंडर, विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक अवसरों तथा उच्च शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण एजेंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो पीके दशोरा ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है, ताकि विद्यार्थियों को बदलते शैक्षणिक एवं औद्योगिक परिवेश के अनुरूप तैयार किया जा सके। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप पाठ्यक्रमों में निरंतर नवाचार किया जा रहा है और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कुलसचिव कमांडर मनोज के (सेवानिवृत्त) ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विभिन्न अकादमिक गतिविधियों के बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के समग्र विकास में अकादमिक काउंसिल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। परीक्षा नियंत्रक प्रो दिनेश शर्मा ने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के माध्यम से विश्वविद्यालय को श्रेष्ठ संस्थान के रूप में स्थापित करना सभी का सामूहिक लक्ष्य है। इसके लिए शैक्षणिक गुणवत्ता, पारदर्शिता और निरंतर सुधार की प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के अकादमिक कैलेंडर, विभिन्न शैक्षणिक इकाइयों द्वारा प्रस्तावित नए पाठ्यक्रमों, विभिन्न कार्यक्रमों की सीट संख्या, पात्रता एवं शुल्क संरचना तथा अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त सीटों के सृजन से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो अम्बरीष शर्मा ने पिछली बैठक की कार्यवाही की समीक्षा प्रस्तुत करते हुए प्रस्तावित एजेंडों पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में प्रो आरिफ सुहेल, प्रो फराह आजमी, प्रो अब्दुल्लाह बुखारी, प्रो दिनकर सिंह सहित विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।









