
हाथरस 19 जुलाई। एसआरबी पब्लिक स्कूल में आज नीट एवं जेईई मेन्स/एडवांस्ड 2026 में चयनित विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के सम्मान में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के संस्थापक नन्नूमल गुप्ता, चेयरमैन ए पी सिंह, निदेशक प्रदीप सेंगर, प्रबंधक पुनीत सिंह, प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र शर्मा, मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक रमानंद कुशवाहा तथा विशिष्ट अतिथि डॉ एसपी सिंह सहित अनेक गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। विद्यालय परिवार ने चयनित विद्यार्थियों को पटका पहनाकर, स्मृति-चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र भेंट कर सम्मानित किया। समारोह में नीट 2026 में चयनित अतुल धनराज (रैंक 2477), अवनी सिंह (7550), सुहानी बंसल (8848), कात्यायनी उपाध्याय (23982) तथा शौर्य पाठक (एआईआर 2925) को सम्मानित किया गया। वहीं जेईई एडवांस्ड 2026 में अरिंजय गर्ग (एआईआर 4110) एवं अर्चित सिंह (एआईआर 10830) ने सफलता हासिल की। जेईई मेन 2026 में यश अग्रवाल (97.80 प्रतिशतक), माधव अग्रवाल (97.60 प्रतिशतक), दीपांशु सिंह (97.36 प्रतिशतक) तथा मयंक अग्रवाल (96.80 प्रतिशतक) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि अपर पुलिस अधीक्षक रमानंद कुशवाहा ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी, जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ एसपी सिंह ने चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर अध्ययन और स्वयं को समयानुकूल अद्यतन रखने की आवश्यकता पर बल दिया। प्रधानाचार्य ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि वर्ष 2024 में विद्यालय से पहली बार किसी विद्यार्थी का चयन हुआ था, वर्ष 2025 में 8 विद्यार्थियों ने नीट एवं जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की और वर्ष 2026 में 5 विद्यार्थियों का नीट तथा 6 विद्यार्थियों का आईआईटी/जेईई एडवांस्ड में चयन विद्यालय के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के समर्पित मार्गदर्शन को दिया। कार्यक्रम में निमिषा शर्मा, दीपक वाष्णेय, यतीश पचौरी, रजनीश सेंगर, नीतू सेंगर, हिमानी चौधरी, दीक्षा वर्मा, पूजा कालरा, श्याम पचौरी, सचिन अग्नोत्री सहित समस्त शिक्षकगण उपस्थित रहे। समारोह का गरिमामय संचालन प्रियांशी सेंगर ने किया तथा पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर तालियों की गड़गड़ाहट से विद्यालय परिसर गुंजायमान रहा।








