
हाथरस 19 जुलाई। जनपद में इस बार मक्का की खेती किसानों के लिए लाभ का सौदा साबित हो रही है। जिले में मक्का का रकबा बढ़कर करीब 17 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है। अनुकूल मौसम, उन्नत बीजों और बेहतर कृषि प्रबंधन के चलते इस बार फसल की पैदावार भी शानदार रही है। औसतन प्रति बीघा करीब 10 क्विंटल मक्का का उत्पादन हो रहा है, जबकि बाजार में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर भाव मिलने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। मंडी व्यापारियों के अनुसार जिले की मंडियों में अब तक करीब चार लाख क्विंटल मक्का की आवक हो चुकी है, जबकि लगभग तीन लाख क्विंटल मक्का की आवक अभी और होने की संभावना है। इसके बावजूद मांग मजबूत बनी हुई है, जिससे कीमतों में स्थिरता बनी हुई है। वर्तमान में अव्वल गुणवत्ता का मक्का 2,030 रुपये प्रति क्विंटल, जबकि नमी वाला मक्का 1,600 से 1,800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अब मक्का का उपयोग केवल खाद्यान्न और पशु चारे तक सीमित नहीं रह गया है। केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति के चलते एथेनॉल संयंत्रों में इसकी मांग तेजी से बढ़ी है। इसके अलावा बेकरी, बिस्कुट, फूड प्रोसेसिंग और बियर उद्योग में भी भारतीय मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार और अच्छे दाम मिल रहे हैं। हाथरस मंडी से सड़क मार्ग के जरिए करीब एक लाख क्विंटल मक्का महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात भेजा गया है, जहां इसका उपयोग एथेनॉल, दलिया, स्वीट कॉर्न और बिस्कुट उद्योग में किया जा रहा है। वहीं रेलवे रैक के माध्यम से करीब तीन लाख क्विंटल मक्का आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना और कर्नाटक की बियर फैक्ट्रियों तक पहुंचाया गया है। किसानों का कहना है कि इस बार पैदावार और कीमत दोनों बेहतर रहने से अच्छी आमदनी हो रही है। बरहन निवासी किसान हरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके खेत में करीब नौ क्विंटल प्रति बीघा उत्पादन हुआ है और बाजार में उचित मूल्य मिलने से इस बार मक्का की खेती लाभदायक साबित हुई है। वहीं मंडी व्यापारी योगेश वार्ष्णेय ने बताया कि हाथरस का मक्का राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भेजा जा रहा है, जहां इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि उन्नत बीजों और आधुनिक तकनीक के प्रयोग से इस बार मक्का की रिकॉर्ड पैदावार हुई है, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।








