
हाथरस 08 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बेसिक शिक्षा विभाग के 11 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 4 शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने सभी लाभार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए योजना को शिक्षकों एवं कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया। कार्यक्रम के दौरान काशी में आयोजित मुख्यमंत्री के राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के संबोधन को देखा और सुना। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना, डीबीटी वितरण तथा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए एमओयू की भी जानकारी साझा की गई। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कहा कि यह योजना शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी संकट किसी के जीवन में कभी भी आ सकता है और ऐसे समय में कैशलेस चिकित्सा सुविधा आर्थिक एवं मानसिक संबल प्रदान करेगी। उन्होंने इसे स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से अपने सहकर्मियों के कठिन समय में सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का बेहतर वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों से मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शिक्षण कार्य को सेवा भावना के साथ करने का आग्रह करते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों को जिम्मेदार एवं आदर्श नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा अन्य कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक ने योजना के क्रियान्वयन और एमओयू से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि इससे शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा उनके परिवारों को बीमारी की स्थिति में इलाज के खर्च की चिंता से बड़ी राहत मिलेगी। समापन अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को प्रतीक चिह्न और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की प्रेरणादायी पुस्तक “अग्नि की उड़ान” भेंट कर सम्मानित किया तथा सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित शिक्षक, शिक्षिकाएं, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइये एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मोनिका गौतम ने किया।




















