
हाथरस 08 जुलाई । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश के निर्देश पर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिले में संचालित अपंजीकृत क्लीनिकों और पैथोलॉजी लैबों के खिलाफ व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान कई संस्थानों में अनियमितताएं मिलने पर पांच क्लीनिक एवं पैथोलॉजी लैबों का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराया गया, जबकि अन्य संचालकों को नोटिस जारी कर निर्धारित तिथि तक पंजीकरण एवं संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान मुरसान रोड स्थित दर्शना रेलवे क्रॉसिंग के पास संचालित सोनवीर सिंह चौधरी के क्लीनिक को अपंजीकृत पाए जाने पर बंद करा दिया गया। संचालक ने नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया। वहीं स्टेशन रोड, हनुमानगढ़ी के सामने संचालित आरती पैथोलॉजी लैब को बिना पंजीकरण के जांच संचालित करते पाए जाने पर सीलनुमा कार्रवाई करते हुए संचालन बंद कराया गया।
इसी प्रकार इगलास रोड, मुरसान स्थित शिव पैथोलॉजी लैब को भी बिना वैध पंजीकरण के संचालन करने पर बंद कराया गया। संचालक द्वारा पंजीकरण के लिए आवेदन करने की बात कही गई, लेकिन कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके अलावा डॉ. फूल सिंह के क्लीनिक को भी आवश्यक अभिलेख उपलब्ध न कराने और नोटिस लेने से इनकार करने पर बंद करने की कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान इगलास रोड स्थित डॉ. ब्रजेन्द्र सिंह के क्लीनिक पर एक महिला मरीज को ड्रिप लगी मिली। क्लीनिक आवासीय परिसर में संचालित पाया गया। संचालक को नोटिस जारी कर चिकित्सकीय पंजीकरण एवं अन्य अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
हाथरस जंक्शन क्षेत्र में भी कई संस्थानों की जांच की गई। पुराना मदर मैरी कॉन्वेंट स्कूल के पास संचालित एक पैथोलॉजी लैब में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ अनुपस्थित मिला। मौके पर मौजूद कर्मचारी को नोटिस देकर 10 जुलाई तक सभी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। रामपुर, हाथरस जंक्शन के पास संचालित विनोद कुमार के क्लीनिक तथा रेलवे रोड स्थित यतेन्द्र कुमार के क्लीनिक पर भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए। दोनों संचालकों को नोटिस जारी कर 10 जुलाई तक पंजीकरण एवं शैक्षणिक योग्यता से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा श्याम पैथोलॉजी लैब, हाथरस जंक्शन का ऑनलाइन आवेदन तो मिला, लेकिन बिना पंजीकरण के संचालन और चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ की अनुपस्थिति पाए जाने पर संचालक को नोटिस जारी किया गया।\ वहीं कैलोरा पैंठ चौराहा स्थित डॉ. शालू कुमारी के क्लीनिक के निरीक्षण में आयुर्वेदिक पंजीकरण तो वैध पाया गया, लेकिन परिसर में एलोपैथिक दवाएं मिलने पर उन्हें चेतावनी देते हुए नोटिस जारी किया गया। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने स्पष्ट किया कि जनपद में बिना पंजीकरण संचालित क्लीनिकों एवं पैथोलॉजी लैबों के विरुद्ध अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।




















