
हाथरस 4 जुलाई। आईजीआरएस पोर्टल पर विगत एक वर्ष में प्राप्त राजस्व एवं भूमि विवाद संबंधी शिकायतों की शासन स्तर पर समीक्षा के बाद पुनर्जीवित किए गए प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अतुल वत्स ने आज तहसील हाथरस एवं तहसील सादाबाद के सभागारों में राजस्व अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार विशेष अभियान के तहत आईजीआरएस पोर्टल पर पूर्व में निस्तारित ऐसे प्रकरणों का पुनः परीक्षण किया जा रहा है, जिनका और अधिक प्रभावी एवं स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा जहां न्यायालय में वाद दायर किए जाने की आवश्यकता हो, वहां तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए प्रकरण का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भूमि विवाद से संबंधित शिकायतों पर प्रस्तुत निस्तारण आख्या का बिंदुवार परीक्षण किया। कई मामलों में निस्तारण की गुणवत्ता संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि केवल औपचारिक निस्तारण स्वीकार्य नहीं होगा। शिकायतों का ऐसा समाधान किया जाए कि भविष्य में वही प्रकरण दोबारा आईजीआरएस अथवा किसी अन्य माध्यम से प्राप्त न हो। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत के स्थलीय निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता एवं प्रतिपक्ष दोनों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा निरीक्षण के फोटोग्राफ निस्तारण आख्या के साथ अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं। साथ ही शिकायत प्राप्त होने से लेकर अंतिम निस्तारण तक की गई कार्रवाई का क्रमवार एवं बिंदुवार विवरण भी आख्या में दर्ज किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि यदि मामला चकरोड पर अवैध कब्जे से संबंधित है तो नियमानुसार पैमाइश कराकर कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाए। वहीं निजी कृषि भूमि से जुड़े मामलों में आवश्यकतानुसार संबंधित धाराओं में वाद दायर कर विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए पैमाइश एवं सीमांकन कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर खानापूर्ति या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायतों का निस्तारण करना नहीं, बल्कि उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि नागरिकों को एक ही समस्या के लिए बार-बार शिकायत न करनी पड़े। गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), संबंधित उप जिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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