
हाथरस 13 जून । भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड (इंडसइंड बैंक) की हाथरस रिटेल शाखा के ब्रांच मैनेजर अंशु यादव ने अपनी ही शाखा में तैनात लोन अधिकारी पर ग्राहकों से धनराशि लेकर गबन करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक हाथरस से शिकायत की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ब्रांच मैनेजर अंशु यादव द्वारा दी गई तहरीर में बताया गया है कि भारत फाइनेंशियल इन्क्लूजन लिमिटेड, इंडसइंड बैंक लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो आरबीआई की स्वीकृति के तहत बैंकिंग सेवाएं संचालित करती है। कंपनी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जरूरतमंद महिलाओं और व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराती है। आरोप है कि शाखा में तैनात लोन अधिकारी ललित पचौरी, निवासी ग्राम बुरज, पोस्ट कधेर, तहसील एतमदपुर, जनपद आगरा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए ग्राहकों को बड़े ऋण का झांसा देकर उनसे प्री-पेमेंट के नाम पर धनराशि वसूल ली। जांच में सामने आया कि ग्राहक लेखराज से 9,225 रुपये तथा सलीम खान से 50,391 रुपये लिए गए। इसके अलावा कुल मिलाकर 1 लाख 42 हजार 649 रुपये की कथित हेराफेरी का मामला प्रकाश में आया। शिकायत के अनुसार जब ग्राहकों ने कंपनी के हेड ऑफिस से संपर्क कर प्री-पेमेंट राशि की जानकारी ली, तब मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद शाखा स्तर पर जांच की गई तथा वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। विभागीय जांच और फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान संबंधित ग्राहकों के बयान भी दर्ज किए गए। ब्रांच मैनेजर का आरोप है कि आरोपी कर्मचारी से कई बार धनराशि लौटाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने टालमटोल की। बाद में वह बिना सूचना दिए अपने घर चला गया और फोन पर बातचीत के दौरान भी पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अभी दो ग्राहकों से संबंधित 1 लाख 12 हजार 649 रुपये की वेरिफिकेशन पूरी नहीं हो सकी है तथा ऑडिट विभाग द्वारा भी जांच प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी लोन अधिकारी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।





















