हसायन : गौशालाओं में चल रहा बिना भूसा चार के फोटो खिचाओ अभियान, नाद में चारा नहीं नाद में बैठे गौवंश
सिकन्दराराऊ (हसायन) 01 जून। विकासखंड क्षेत्र में संचालित अस्थाई गौ संरक्षण केन्द्र गौशालाओं में निराश्रित गौवंश की सेवा सुश्रषा भगवान भरोसे चलती हुई प्रतीत हो रही है।क्षेत्र की विभिन्न गौशालाओं में अव्यवस्थाओं का क्रम दिखाई दे रहा है।निराश्रित गौवंश के भरण पोषण व सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले जिम्मेदारों के द्वारा निराश्रित गौवंश की सेवा सुश्रषा के नाम पर महज खानापूर्ति करने के लिए वर्तमान में फोटो खिचाओ अभियान चलता हुआ दिखाई दे रहा है।निराश्रित गौवंशों के भरण पोषण व भयंकर तेज भीषण गर्मी के मौसम में हो रही खानापूर्ति को लेकर गौ रक्षक व गौ सेवकों के द्वारा तमाम तरह के सवाल उठा रहे है।वैदिक सनातन धर्म में निराश्रित गौवंश को तेतीस करोड देवी देवताओं का वास होने के कारण देवात्मा के समान माना जाता है।गौवंश प्रजाति के गौवंश को वैदिक सनातन हिंदू धर्म में गाय को माता कहा जाता है।उसी गाय माता व निराश्रित गौवंशों के भरण पोषण युक्त हरा चारा उपलब्ध कराए जाने के बजाए जिम्मेदार उनका हिस्से का भरण पोषण के लिए आने वाले पशु आहार को भर पेट दिए जाने के बजाए अपने जिम्मेदार पेट भरने में लगे हुए हैं।अस्थाई गौशालाओं में प्रतिदिन गौवंशो की विभिन्न कारणों से हो रही निराश्रित गौवंशो की मृत्यु का कारण बताने व गौवंशो की असमय होने वाली मृत्यु रोकने में पशु पालन विभाग असमर्थ व लाचार दिखाई दे रहा है।प्रतिदिन गौशालाओं में केयर टेकरों के द्वारा बने सोशल मीडिया वाटसअप ग्रुप में पानी,चारा के फोटो डालकर खानापूर्ति की जा रही है।अत्यधिक गौशालाओं में दाना चापट भी गौवंशो को नही दी जा रही है।जिम्मेदारो के द्वारा निराश्रित गौवंशो के पालन पोषण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।पशुपालन विभाग के चिकित्सक गौशाला जाकर उपचार देना तो दूर गौशालाओं में जाना भी जरूरी नहीं समझ रहे हैं।निराश्रित गौवंशो को समय पर उपचार नही मिल पाने से पशु पालन विभाग के पशु चिकित्सकों की मनमानी व लापरवाही भरी कार्यप्रणाली से निराश्रित गौवंशो की मौत हो रही है।यह आरोप अन्तर्राष्ट्रीय गौमाता सेवा महासंघ के जिलाध्यक्ष श्री हनुमतं शरणं संदीप उपाध्याय,जतिन कुमार,राष्ट्रीय हिन्दू साम्राज्य संगठन के संस्थापक व अध्यक्ष अनमोल गुप्ता,रामानुज कौशिक,उर्वेश पाठक ने लगाते हुए कहीं।उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार दस जून को सोशल मीडिया वाटसअप पर बने गौशाला ग्रुप में प्रतिदिन की तरह ग्राम पंचायत जरेरा की शंकरपुर मार्ग पर जंगल में स्थापित एक गौशाला के लुकेशन फोटो डाले गए।वाटसअप ग्रुप में डाले हुए फोटो में गौशाला की सीमेंटेड बनी हुई चारा नाद भरा हुआ चारा कहीं दिखाई तक नहीं दे रहा है।और साथ ही एक फोटो में चारे डालने वाली नाद में एक गौवंश बैठा हुआ दिखाई दे रहा है।इस संबंध में गौ रक्षक गौ सवेकों ने सवालिया प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गौशालाओं में रह रहे निराश्रित गौवंशाें की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रहे जिम्मेदार क्या जिम्मेदारों के द्वारा दिखाई नहीं देता कि गौवंशो का गौशालाओं में किस तरह ध्यान रखा जा रहा है।चारे की नाद में बैठे भूस से बेहाल गौवंश से प्रतीत होता कि गौशालाओं में गौवंश की पालन पोषण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।निराश्रित गौवश चारे की नाद में घुसकर बैठकर मल मूत्र करता है।और उसी में गौवंशो को चारा खिलाया जाता है। आखिर जिम्मेदारों के द्वारा गौवंशो का ख्याल कोई नहीं रखा जा रहा है।नादो चारा तक नहीं और फोटो खीचकर ग्रुप में डाले जा रहे हैं।उच्चस्तरीय जिम्मेदारों द्वारा उसी गौशालाओं का निरीक्षण किया जाता है जहाँ स्थित सही चल रही होती है।जहाँ गौशालाओं का हाल बुरा है वहाँ कोई जिम्मेदार जाना जरुरी ही नहीं समझते हैं।आखिर इन निराश्रित गौवंशो की हो रही दुर्दशा पर कौन ध्यान देगा।ग्राम पंचायत जरेरा की गौशाला में सुबह से लेकर शाम साढे पांच बजे तक हरा चारा भी नही आया।गौरक्षको ने बताया कि गौशाला में रह रहे निराश्रित गौवंश सुबह से लेकर शाम तक भूख प्यास से बेहाल दिखाई पड रहे है।मगर किसी भी जिम्मेदार का भूख से बेहाल निराश्रित गौवंश के भरण पोषण के चारा की सुविधा प्रदान करने की फुर्सत ही नही दिख रही है।गौरक्षकों ने बताया कि गौशालाओं में निराश्रित पशुओं को भीषण गर्मी से बचाए रखने के लिए कोई पंखा कूलर तो दूर छायादार वृक्ष भी नही लगाए गए है।गौरक्षकों ने कहा कि गौशाला की जिम्मेदारी संभाल रहे जिम्मेदार गर्मी व विभिन्न कारणों से मृत होने वाले गौवंश को गौशाला के अंदर भूमिगत कर मिट्टी डलवाकर दबा देते है।उन्होने कहा कि प्रत्येक गौशाला में मृत गौवंशों के अवशेष पर उच्च स्तरीय अधिकारी भी निरीक्षण कर खानापूुर्ति कर फोटो खिंचवाकर चले आते है।इस संबंध में पशु चिकित्साधिकारी डॉ.पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि सुबह से गौशाला में हरा चारा लेकर आने वाले वाहन के खराब हो जाने के कारण शाम चार बजे तक चारा नही पहुंच पाया है।उन गौवंशों को भूसा डलवाने के लिए सेक्रेटरी से कह दिया है।





















