सिकन्दराराऊ (हसायन) 01 जून। कोतवाली क्षेत्र के गाँव नगला अडू के रहने वाले कुछ किसानों को कई सालों से रजवाहे से आने वाली सरकारी नाली से खेतों तक आने वाली नाली को एक किसान ने काटकर अपने खेत में शामिल कर लिया है।एक किसान के पुत्र के द्वारा लगातार जनसुनवाई पर शिकायत करने के बाबजूद आज तक किसानों की समस्या का समाधान नही हो पाया।किसान के पुत्र ने सरकारी सिस्टम की अनदेखी किए जाने के बाद प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली से परेशान होने के बाद शिकायत किए जाने से थक हार कर पीडित किसान के पुत्र ने जिलाधिकारी कार्यालय जाकर जिलाधिकारी अतुल वत्स के नाम से एक बार फिर से समस्या का समाधान कराए जाने की गुहार लगाई है।जिलाधिकारी कार्यालय में लिखित प्रार्थना पत्र देते हुए अवगत कराया है कि मैं अर्जुन सिंह पुत्र श्रीराम सिंह निवासी गाँव नगला अडू ब्लॉक/तहसील हाथरस जनपद हाथरस का रहने वाला हूँ।मेरे खेत पडोसी महेश कुमार,सोनू कुमार, शशी कुमार, विनय कुमार, धीरेंद्र कुमार, राम सिंह सहित इत्यादि किसान गांव नगला अडू के रहने वाले हैं।किसानों के गाटा संख्या जानकारी के अनुसार 641,631,632,633,629,636,637,638, है करीब सौ बीघा जमीन गोपालपुर सिकतरा से नगला अडू महौ रजवाहे के पानी से वांछित है।रजवाह के सरकारी नाली कुलावा नंबर तेरह से किसानों की भूमि में फसलों की सिंचाई की जाती थी। करीब तीन चार बर्ष पहले तेरह नंबर नाली के सहारे खेत मालिक जिनका गाटा संख्या 635 ने करीब दस मीटर नाली काटकर कब्जा कर खेत में शामिल कर लिया है।अब किसानों को रजवाहे से आने वाली सरकारी नाली का पानी न मिलने के कारण फसलो में भारी नुकसान का सामना करना पड रहा है।उक्त मामले में लगातार करीब पांच महीने से शिकायत की जा रही है लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।जन सुनवाई पर आनलाइन की गई शिकायत संख्या-1- 40014426000243, 2-40014426003803,3-40014426004968 क्रमवार राजस्व विभाग में की थी।शिकायत के आधार पर क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर आकर पैमाइश कर नाली बनवाने के लिए मनरेगा के तहत कार्ययोजना में डलवाकर बनवाने के लिए कहा।उसके बाद पंचायत के मनरेगा कार्यकर्ता कर्मचारी से कहा लेकिन कोई सुनवाई नहीं की।उक्त मामले को किसानों के हित में नाली बनवाने की।जिससे किसानों की खेती को रजवाहे का पानी मिल सके और अपनी फसल कर परिवार का पालन पोषण कर सके।उक्त मामले की शिकायत में आख्या लगाई गई है कि मनरेगा में कार्य योजना में डालकर पास कराते हुए कार्य करा दिया जाएगा ।जब मैंने गांव के रहने वाले मनरेगा मेठ से जानकारी की कि कब तक हो जाएगा तो उन्होंने कहा कि हम तो काम ही नहीं कर रहे हैं क्योंकि कि मानदेय नहीं मिला रहा है।जब काम ही नहीं कर रहे तो कहा से मनरेगा से नाली बन जाएगी। विनम्र निवेदन है कि उक्त मामले को संज्ञान में लेकर मौके पर जांच पड़ताल कर पैमाइश कराते हुए निशान लगवा दें। हम सभी किसान एकत्रित होकर अपने आप खोद कर नाली बना लेंगे।करीब दस मीटर लम्बी है।जहाँ मौके पर नहीं है नाली।जिससे हमारी फसल को पानी मिल सके।