
हाथरस 10 जून। भीषण गर्मी के बीच डायरिया बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। बुधवार को उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित डेढ़ वर्षीय मासूम नूजत की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। बच्ची को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।
जानकारी के अनुसार हाथरस जंक्शन क्षेत्र निवासी शानू की डेढ़ वर्षीय पुत्री नूजत पिछले तीन दिनों से उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित थी। परिजन उसका स्थानीय स्तर पर उपचार करा रहे थे, लेकिन बुधवार को अचानक उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की असमय मृत्यु से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। वहीं, यह घटना गर्मी के मौसम में तेजी से फैल रहे डायरिया के खतरे की ओर भी संकेत कर रही है। जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में बुधवार को डायरिया से पीड़ित करीब 40 बच्चों का उपचार किया गया। इनमें कई बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। अस्पताल की इमरजेंसी में भी उल्टी-दस्त, बुखार और डिहाइड्रेशन की शिकायत लेकर बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। चिकित्सकों ने लोगों से साफ पानी पीने, ताजा भोजन करने और बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में दूषित पानी और खाद्य पदार्थों के सेवन से डायरिया का खतरा बढ़ जाता है। समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी छोटे बच्चों के लिए गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती है।






















