
हाथरस 01 जून । प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों के लिए वार्षिक ई-सत्यापन (ई-केवाईसी) कराना अनिवार्य कर दिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार यह प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन न कराने वाले किसानों की अगली किस्त रोकी जा सकती है। उप कृषि निदेशक चौधरी अरुण कुमार ने बताया कि योजना को अधिक पारदर्शी बनाने, गलत भुगतान रोकने तथा केवल वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुंचाने के उद्देश्य से वार्षिक ई-सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई किसान निर्धारित समय तक सत्यापन नहीं कराता है तो उसे अपात्र माना जा सकता है और उसकी आगामी किस्त का भुगतान रोक दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसानों को सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी होने पर नोडल अधिकारियों एवं क्षेत्रीय कर्मचारियों की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द ई-सत्यापन कराने की अपील की है, ताकि अगली किस्त प्राप्त करने में कोई बाधा न आए।
ऐसे कराएं वार्षिक ई-सत्यापन
लाभार्थी किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर जैविक पहचान (बायोमेट्रिक) के माध्यम से सत्यापन करा सकते हैं। अंगुली के निशान अथवा अन्य पहचान प्रमाणीकरण के जरिए ई-सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है। कृषि विभाग ने सभी पात्र किसानों से समय रहते ई-सत्यापन कराकर योजना का लाभ निर्बाध रूप से प्राप्त करने की अपील की है।
























