
हाथरस/सासनी 30 मई । इगलास रोड स्थित जय दुर्गा धाम कॉलोनी के निकट मिले युवक के शव की पहचान को लेकर करीब तीन सप्ताह से चल रहा रहस्य आखिरकार डीएनए जांच के बाद सुलझ गया। पुलिस प्रशासन ने डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पहचान सुनिश्चित होने के बाद आज शव को कब्र से निकलवाकर वास्तविक परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
गौरतलब है कि 9 मई को इगलास रोड स्थित जय दुर्गा धाम कॉलोनी के पास एक युवक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस, फॉरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे थे और आवश्यक साक्ष्य एकत्रित कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। प्रारंभ में गांव गढ़ौआ निवासी साबिर ने शव को अपने लापता पुत्र 25 वर्षीय हाशिम का बताते हुए पहचान की थी। हाशिम 2 मई से लापता था और उसके परिजनों ने 4 मई को कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बाद में पिता की तहरीर पर गांव के कुछ लोगों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। मामले में नया मोड़ 11 मई को आया, जब गांव लहौर्रा के दर्जनों ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और शव को 32 वर्षीय सुभाष उर्फ सूसा पुत्र नौरंगी लाल का बताया। परिजनों ने कपड़ों, सैंडिल, हाथ में पहने कड़े और बाजू पर बने ‘जाहरवीर बाबा’ के टैटू के आधार पर पहचान का दावा किया। उन्होंने बताया कि सुभाष भी 5 मई से लापता था और काफी तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला था। एक ही शव पर दो अलग-अलग परिवारों द्वारा दावा किए जाने से पुलिस के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो गई। मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए दोनों पक्षों के परिजनों के डीएनए नमूने लिए गए और जांच के लिए भेजे गए। डीएनए रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मृतक की वास्तविक पहचान सुभाष उर्फ सूसा पुत्र नौरंगी लाल निवासी लहौर्रा के रूप में हुई। इसके बाद शनिवार को कोतवाली पुलिस एवं तहसीलदार रजत कुमार की मौजूदगी में छौंड़ा गढ़ौआ स्थित कब्रिस्तान से शव को निकलवाया गया और विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृतक के वास्तविक परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस का कहना है कि अब मामले की जांच डीएनए रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा संबंधित प्रकरण में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






















