
कोलकाता 08 मई । पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय का आगाज़ हो चुका है। तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने सुवेंदु अधिकारी को बंगाल का नया मुख्यमंत्री चुन लिया है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक में सुवेंदु को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया। न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में हुई इस निर्णायक बैठक में अमित शाह मुख्य पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। बैठक के बाद अमित शाह ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह लोकतांत्रिक रही। सुवेंदु के नाम के लिए आठ प्रस्ताव आए और कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया, जिसके बाद उनके नाम पर अंतिम मुहर लगी। सुवेंदु अधिकारी की ताजपोशी के पीछे उनकी ऐतिहासिक जीत सबसे बड़ा कारण रही। 2021 में नंदीग्राम के बाद, इस बार उन्होंने ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ भवानीपुर में 15 हजार से अधिक मतों से शिकस्त दी। भाजपा नेतृत्व ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि जमीन पर संघर्ष करने वाले और दिग्गजों को चुनौती देने वाले नेता को ही कमान सौंपी जाएगी। राज्य में चुनावी नतीजों के बाद अभूतपूर्व संवैधानिक संकट उत्पन्न हो गया था। सात मई को विधानसभा भंग होने के बावजूद ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने शासन की बागडोर अपने हाथों में ली। सुवेंदु के शपथ ग्रहण के साथ ही यह स्थिति अब सामान्य हो जाएगी। बीजेपी ने शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख को चुना है, जो बंगाली कैलेंडर के अनुसार रवींद्रनाथ टैगोर जयंती (पचीसे बैसाख) का दिन है। इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और एनडीए शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्री गवाह बनेंगे। विधायक दल की बैठक के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों जैसे बिहार, ओडिशा और बंगाल में दशकों से सत्ता से बाहर है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अपनी हार और कमजोरी छिपाने के लिए चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।























