
हाथरस 06 मई । जिले के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और सुखद खबर है। प्रदेश सरकार ने जनहित में बड़ा फैसला लेते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटरों की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब जिले के उन 1.45 लाख उपभोक्ताओं के मीटरों को पोस्टपेड प्रणाली में बदल दिया जाएगा, जिन्हें बार-बार रिचार्ज करने की झंझट और बिजली गुल होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था।
विरोध के बाद सरकार ने बदला फैसला
जिले में कुल 2.72 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 1.45 लाख घरों और प्रतिष्ठानों पर स्मार्ट मीटर लगाए गए थे। इन मीटरों के प्रीपेड होने के बाद से ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। उपभोक्ताओं की मुख्य शिकायत यह थी कि मीटर बहुत तेज चल रहे हैं और रिचार्ज उम्मीद से कहीं जल्दी खत्म हो रहा है।
बचे हुए 1.27 लाख उपभोक्ताओं को नहीं लगवाने होंगे मीटर
नई व्यवस्था के तहत, जिले के जिन 1.27 लाख उपभोक्ताओं के पास फिलहाल पुराने (सादा) मीटर लगे हैं, उन्हें अब स्मार्ट मीटर लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो मीटर बदलने की प्रक्रिया को लेकर आशंकित थे।
अधीक्षण अभियंता का बयान
अधीक्षण अभियंता अजीत कुमार सिंह ने बताया कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और रिचार्ज से जुड़ी शिकायतों को शासन स्तर पर गंभीरता से लिया गया है। उपभोक्ताओं के भारी असंतोष को देखते हुए ही इन मीटरों को पोस्टपेड में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही सभी संबंधित कनेक्शनों को नई व्यवस्था के साथ जोड़ दिया जाएगा। हालांकि, सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए भी उपभोक्ता अभी भी बिलिंग में पूर्ण पारदर्शिता और मीटर की सटीकता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
























