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सिकंदराराऊ (हसायन) 27 अप्रैल । क्षेत्र में खाद, बीज और कीटनाशक डीलरों ने सत्ताइस अप्रैल दिन सोमवार को एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की।यह हड़ताल ‘इंस्पेक्टर राज’ और विभिन्न सरकारी नीतियों के विरोध में की गई।एग्रो इनपुट डीलर एसोसिएशन ने इस बंदी का नेतृत्व किया।जिसके कारण बाजार में कृषि इनपुट की अधिकांश दुकानें बंद रहीं और किसानों को परेशानी हुई।विक्रेताओं ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में ओसी कलेक्ट्रेट हरप्रीत कौर को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।इसमें उन्होंने निरीक्षण प्रणाली में सुधार, लाइसेंस संबंधी नियमों में ढील और व्यापार में सुगमता की मांग की।विक्रेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि कीटनाशक और खाद की गुणवत्ता जांच के लिए तेइस स्तर के अधिकारियों को ‘क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर’ नियुक्त किया गया है। इससे उन्हें अनावश्यक दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने भौतिक निरीक्षण के बजाय प्रयोगशाला परीक्षण, डिजिटल ट्रेसिबिलिटी और ऑडिट सिस्टम को मजबूत करने की मांग की।उनकी अन्य मांगों में मामूली गुणवत्ता कमी पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई रोकने के साथ खाद कंपनियों द्वारा लिंकिंग प्रथा समाप्त करने और अनधिकृत एचटीबीटी कपास बीजों की बिक्री पर रोक लगाना शामिल है।खाद-बीज विक्रेताओं ने प्रस्तावित सीड बिल 2025 को सरल बनाने और निदेशालय स्तर से लाइसेंस की बाध्यता खत्म करने की भी मांग की।विक्रेताओं ने यह भी मांग की कि सीलबंद पैकिंग से लिए गए नमूनों की जिम्मेदारी पैकिंगकर्ता की होनी चाहिए।उन्होंने ‘साथी’ और आईपीएमएस पोर्टल को निचले स्तर पर लागू न करने तथा खाद की आपूर्ति सीधे विक्रेताओं की दुकानों तक सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई।इस हड़ताल के कारण खरीफ सीजन से पहले किसानों को खाद,बीज और कीटनाशक नहीं मिल सके, जिससे उन्हें काफी परेशानी हुई।डीलरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र समाधान नहीं हुआ।तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।

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